Gold Silver Price Today: दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार 14 जनवरी 2025 को चांदी बेकाबू हो गई. वहीं, सोना भी 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है. अखिल भारतीय सर्राफा संघ (एआईबीए) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 15,000 रुपये की एकमुश्त तेजी के साथ 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. यह चांदी का अब तक का सर्वोच्च भाव है. लगातार चौथे कारोबारी सत्र में चांदी में मजबूती दर्ज की गई और निवेशकों के बीच कीमती धातुओं की मांग और तेज होती नजर आई. मंगलवार को चांदी 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन बुधवार को इसमें करीब 5.5% की छलांग लगी. पिछले चार सत्रों में ही चांदी 42,500 रुपये यानी 17.45% चढ़ चुकी है, जो इसकी असाधारण तेजी को दर्शाता है.
1 जनवरी से अब तक 20% से ज्यादा रिटर्न
सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, हाल के हफ्तों में चांदी ने सोने की तुलना में कहीं बेहतर रिटर्न दिया है. 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव 2,39,000 रुपये प्रति किलो था. वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 47,000 रुपये प्रति किलो यानी लगभग 20% की मजबूती आ चुकी है. आठ जनवरी को चांदी 2,43,500 रुपये प्रति किलो थी, और इसके बाद से इसमें तेजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. जानकारों का कहना है कि औद्योगिक मांग और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ती दिलचस्पी ने मिलकर चांदी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.
सोना भी रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती दर्ज की गई. 99.9% शुद्धता वाला सोना बुधवार को 1,500 रुपये चढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों समेत) के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. एक दिन पहले यानी मंगलवार को सोना 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. पिछले चार कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत 1,40,500 रुपये से बढ़कर 1,46,500 रुपये पर पहुंच चुकी है, यानी इसमें करीब 6,000 रुपये या 4.3% की तेजी दर्ज की गई है.
2026 में अब तक कितना चढ़ा सोना
साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने में कुल 8,800 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी करीब 6.4% की बढ़ोतरी हो चुकी है. हालांकि, रफ्तार के मामले में चांदी फिलहाल सोने से आगे निकलती दिख रही है. बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा वैश्विक हालात में निवेशक पोर्टफोलियो को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड टूटे
घरेलू बाजार की तेजी पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप रही. वैश्विक बाजार में हाजिर चांदी ने पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया. इसमें 5% से ज्यादा की तेजी के साथ भाव 91.56 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना भी 1.14% चढ़कर 4,640.13 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई इस तेजी का सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया.
तेजी के पीछे क्या हैं बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में इस जबर्दस्त तेजी के पीछे कई वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिका में आए नरम मुद्रास्फीति आंकड़े निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर धकेल रहे हैं. इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आने वाले महीनों में ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदें भी बाजार की धारणा को मजबूत कर रही हैं. कम ब्याज दरों के माहौल में सोना और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियां निवेशकों को अधिक आकर्षक लगती हैं.
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कैसी रहेगी बाजार की चाल
बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और डॉलर कमजोर रहता है, तब तक सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती का रुझान कायम रह सकता है. हालांकि, वे निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि ऊंचे स्तरों पर खरीदारी करते समय सावधानी बरतें और दीर्घकालिक रणनीति के साथ ही निवेश के फैसले लें.
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