सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! सोना ऑल टाइम हाई से ₹18,000 और चांदी ₹1.17 लाख तक हुई सस्ती

Gold-Silver Price : सोने और चांदी की कीमतों में भारी क्रैश! सोना ऑल टाइम हाई से ₹18 हजार और चांदी ₹1 लाख से ज्यादा सस्ती हुई. जानिए सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले का कीमतों पर क्या असर होगा.

Gold-Silver Price : अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है. सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत एक ही दिन में 6,138 रुपये घटकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई है, जो इससे पिछले दिन 2.61 लाख रुपये पर थी.

वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव भी 1,896 रुपये की गिरावट के साथ 1.54 लाख रुपये पर आ गया है, जो एक दिन पहले 1.66 लाख रुपये पर बंद हुआ था.

ऑल टाइम हाई (All-Time High) से कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?

इस साल (2026) जनवरी के महीने में सोने-चांदी ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लेकिन उसके बाद से कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है.

  • सोना: 29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर पर था. अब यह अपने ऑल टाइम हाई से करीब 18 हजार रुपये सस्ता होकर बाजार में मिल रहा है.
  • चांदी: चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ा क्रैश देखने को मिला है. 29 जनवरी को चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर थी, जो पिछले 106 दिनों में 1.17 लाख रुपये टूटकर ₹2.68 लाख प्रति किलो के आसपास आ चुकी है.

सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की

कीमतों में चल रहे इस उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आयात (Import) पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है. सरकार के इस बड़े फैसले के पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं.

  1. इंटरनेशनल टेंशन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध (जंग) के माहौल को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर है.
  2. विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव: सरकार का मकसद विदेशों से सोने की खरीद को कम करना है ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) और चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) पर पड़ रहे दबाव को नियंत्रित किया जा सके.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स ?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता का कहना है कि सरकार ने चालू खाता घाटा को काबू में रखने के लिए यह कदम उठाया है. हालांकि, इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि टैक्स बढ़ने से मार्केट में मांग (Demand) प्रभावित हो सकती है और सोने की तस्करी (Smuggling) बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है.

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान

अगर आप इस गिरावट का फायदा उठाकर सोना खरीदने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी से बचने के लिए इन बातों को नोट कर लें:

  • 1. BIS हॉलमार्क (Hallmark) जरूर देखें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें. असली हॉलमार्क का नंबर अल्फान्यूमेरिक (जैसे- AZ4524) होता है. इससे सोने की शुद्धता और कैरेट का सटीक पता चलता है.
  • 2. लाइव कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का भाव हर दिन बदलता है और 24 कैरेट, 22 कैरेट व 18 कैरेट का रेट अलग-अलग होता है. दुकान पर जाने से पहले IBJA की आधिकारिक वेबसाइट से उस दिन का सही वजन और कीमत जरूर क्रॉस चेक कर लें.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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