Gold Price : क्या LOCKDOWN के बाद सोने की कीमत घटेगी? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Gold Rate today, Gold Price, Coronavirus in india: क्या लॉकडाउन के बाद सोने की कीमत घटेगी ? सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर लॉकडाउन के बाद क्या होगा ? सोने की कीमत घटेगी या फिर बढेगी...जानकार की राय जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...

Gold Price, Coronavirus in india: कोरोना महामारी से पूरी दुनिया त्रस्त है. भारत में इसके संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन अब 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. 20 अप्रैल से कुछ जरूरी क्षेत्रों में छूट देने का काम सरकार करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था की थमी गाड़ी आगे की ओर बढ़ेगी. यदि लॉकडाउन के दौरान सोने-चांदी की कीमतों पर नजर डालें तो सोने की कीमत ने इस दौरान चार नये रिकॉर्ड अपने नाम किया है. सोने के वायदा कारोबार में आज गिरावट देखी जा रही है और ये 45,500 के कुछ ही ऊपर कारोबार कर रहा है. वहीं चांदी में आज अच्छी तेजी दिख रही है.आज का सोने का वायदा भाव देखें तो 5 जून 2020 के लिए सोना प्रति 10 ग्राम के भाव 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 45,560 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

Also Read: Indian Railways : फिलहाल 3 मई तक नहीं चलेंगी ट्रेनें, जानें कैसे कैंसिल होगा अबतक जिनका टिकट कटा

वैश्विक स्तर पर कमजोरी के रुख के बाद कारोबारियों ने अपने जमा सौदों की कटान की जिससे वायदा कारोबार में सोने का भाव 3.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 45,766 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में जून डिलिवरी के लिए सोना वायदा का भाव 1,492 रुपये या 3.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 45,766 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. इसमें 17,032 लॉट के लिए कारोबार हुआ.

Also Read: लॉकडाउन के बीच पड़ रहा सोने की खरीदारी का बड़ा त्योहार ‘अक्षय तृतीया’, जानिए आज क्या है दाम

इसी तरह अगस्त डिलिवरी के लिए सोने का भाव 1,519 रुपये या 3.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 45,930 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. इसमें 2,233 लॉट के लिए कारोबार हुआ. बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कमजोर हाजिर मांग के अनुरूप सोना वायदा कीमतों में गिरावट दर्ज हुई. वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोने का भाव 0.74 प्रतिशत घटकर 1,718.90 डॉलर प्रति औंस रह गया.

क्या सोने में गिरावट की कोई उम्मीद?

जानकारों की मानें तो यदि आप सोने में निवेश करने की इच्छा रखते हैं तो बाजार में एक करेक्शन यानी गिरावट का इंतजार करें. सोने में मुनाफावसूली हावी हो तब सोने में खरीदारी करने में फायदा है. 50 हजार रुपये से ऊपर सोने की कीमतों में एक बार बिकवाली हावी होगी, क्योंकि भारत में घरेलू मांग को इस लॉकडाउन के कारण बड़ा झटका पहुंचने की उम्मीद है. यही नहीं अर्थव्यवस्था में जिस तरह नकदी का प्रवाह नजर आ रहा है इससे कुछ दिनों के बाद बाजार में वापसी होगी और सोने से निवेश अन्य विकल्पों में शिफ्ट हो जाएगा.

सबके मन में सवाल क्या होगा लॉकडाउन के बाद

सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर लॉकडाउन के बाद क्या होगा ? सोने की कीमत घटेगी या फिर बढेगी…इस संबंध में जानकारों का कहना है कि जब सर्राफा बाजार खुलेगा तो निश्चित तौर पर आम आदमी को भी सोना इसी रेट के आसपास उपलब्ध होगा. हाजिर बाजार को भी भाव का संकेत वायदा बाजार से ही मिलता है. ऐसे में हाजिर बाजार में सोने के भाव वायदा बाजार के आस पास ही देखने को मिलेंगे. जिस दिन भी सर्राफा बाजार खुलेगा वहां भाव उस दिन वायदा बाजार में चल रहे भाव के आस पास ही नजर आने की उम्मीद है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >