स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से यूरोप में जेट फ्यूल खत्म होने की कगार पर, लग सकती है उड़ानों पर लगाम

Energy Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से यूरोप में जेट फ्यूल का संकट गहराया. IEA की चेतावनी के बीच यूरोपीय आयोग ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की अपील की है.

Energy Crisis : ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद किए जाने के बाद ग्लोबल लेवल पर तेल और गैस की आपूर्ति ठप हो गई है. रविवार को इस रणनीतिक जलमार्ग से एक भी जहाज नहीं गुजरा, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड 7% की बढ़त के साथ $96.88 प्रति बैरल पर पहुँच गया है.

यूरोप में ‘एनर्जी इमरजेंसी’

यूरोप अपनी जेट फ्यूल जरूरतों का लगभग 40% इसी रास्ते से आयात करता है. ईंधन की भारी किल्लत को देखते हुए यूरोपीय आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं:

  • Work From Home: कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम एक दिन घर से काम करने की अनुमति दें.
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट: निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और उस पर सब्सिडी देने की सिफारिश की गई है.
  • टैक्स में कटौती: सोलर पैनल, हीट पंप और बॉयलर जैसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों पर टैक्स कम करने का प्रस्ताव है ताकि गैस पर निर्भरता कम हो सके.

क्या ठप हो जाएंगी एयरलाइंस ?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के डायरेक्टर फातिह बिरोल ने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया है:

  • 6 हफ्ते का स्टॉक: यूरोप के पास अब केवल 6 हफ्तों का जेट फ्यूल बचा है.
  • ऐतिहासिक संकट: बिरोल के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था अपने अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है.
  • किराये में बढ़ोतरी: ईरान युद्ध के कारण जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं. चूंकि एयरलाइंस की कुल लागत का 30% हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है.

यूरोपीय आयोग अब तेल और गैस की तुलना में बिजली के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा पैकेज तैयार कर रहा है.

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV): बैटरी और इलेक्ट्रिक कारों को आसान किस्तों या लीज पर उपलब्ध कराना.
  • टैक्स बेनेफिट: तेल और गैस की तुलना में बिजली पर कम टैक्स रखना ताकि लोग वैकल्पिक ऊर्जा की ओर मुड़ें.
  • ईंधन खरीद में तालमेल: यूरोपीय देशों के बीच ईंधन की सामूहिक खरीद और स्टॉक मैनेजमेंट को बेहतर बनाना.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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