GAIL India Investment: देश की दिग्गज एनर्जी कंपनी गेल (GAIL) इंडिया ने क्लीन एनर्जी की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया है. गेल ने लीफिनिटी बायोएनर्जी (Leafiniti Bioenergy) में 49% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 13 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है. इस साझेदारी के जरिए गेल अब कर्नाटक, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे राज्यों में नए बायोगैस प्लांट लगाएगी.
यह पूरी योजना न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.
क्या है गेल का नया मास्टर प्लान?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, गेल और ट्रूऑल्ट बायोएनर्जी मिलकर कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के प्लांट लगाएंगे. शुरुआती दौर में 6 प्लांट लगाए जाएंगे. हर प्लांट से रोजाना 12 टन गैस निकलेगी, यानी साल भर में करीब 23,976 टन गैस का उत्पादन होगा. खास बात यह है कि गैस के साथ-साथ इन प्लांट्स से भारी मात्रा में जैविक खाद (फर्टिलाइजर) भी तैयार होगी, जो खेती के काम आएगी.
पर्यावरण और नौकरी पर क्या असर होगा?
इस प्रोजेक्ट से नेचर को दोहरा फायदा होगा. एक तरफ सालाना 19,800 टन जीवाश्म फ्यूल (पेट्रोल-डीजल जैसे फ्यूल) की जरूरत कम होगी, तो दूसरी तरफ हानिकारक मीथेन गैस के एमिशन में 9,300 टन की कमी आएगी. रोजगार की बात करें तो इस पहल से करीब 820 से लेकर 1,225 लोगों को नई नौकरियां मिलने की उम्मीद है.
गेल की कमाई और नेटवर्क का क्या हाल है?
हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में गेल का नेट प्रॉफिट 5,706 करोड़ रुपये रहा है. हालांकि, पिछले साल के मुकाबले यह कम दिख रहा है क्योंकि पिछले साल कंपनी को एक कानूनी निपटारे से एक्स्ट्रा इनकम हुई थी. गेल का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और कंपनी ने 1,182 किलोमीटर लंबी मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा पाइपलाइन का काम भी पूरा कर लिया है, जिससे इनका नेटवर्क अब 18,000 किलोमीटर से भी बड़ा हो गया है.
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