EPFO: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए सबसे बड़ी चिंता बुढ़ापे की लाठी यानी ‘पेंशन’ को लेकर होती है. लेकिन अगर आपकी सैलरी से पीएफ (PF) कटता है, तो आपकी यह चिंता ईपीएफओ (EPFO) की एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) काफी हद तक दूर कर देती है.
अगर आप साल 2026 में रिटायर होने की योजना बना रहे हैं, तो आइए समझते हैं कि आपके हाथ में हर महीने कितनी रकम आएगी.
कैसे बनती है आपकी पेंशन?
जब आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो वो दो हिस्सों में बंटता है:
- EPF (भविष्य निधि): आपकी सैलरी का हिस्सा, जो रिटायरमेंट पर एकमुश्त (Lumpsum) मिलता है.
- EPS (पेंशन स्कीम): कंपनी के योगदान का एक बड़ा हिस्सा इसमें जाता है, जो आपको मंथली पेंशन के रूप में मिलता है.
- शर्त: इस पेंशन का लाभ लेने के लिए आपने कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी की हो.
शन निकालने का आसान फॉर्मूला
आपको किसी एक्सपर्ट की जरूरत नहीं है, आप खुद इस फॉर्मूले से अपनी पेंशन चेक कर सकते हैं:
सरकार के नियमों के मुताबिक, पेंशन कैलकुलेशन के लिए अधिकतम सैलरी की सीमा ₹15,000 तय की गई है. यानी आपकी बेसिक सैलरी कितनी भी ज्यादा हो, फॉर्मूले में ₹15,000 ही गिना जाएगा.
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