रिटायरमेंट के बाद कितनी आएगी मंथली सैलरी? खुद ऐसे करें अपनी पेंशन का हिसाब

EPFO: रिटायरमेंट के बाद खर्चे की चिंता? अगर आप भी 2026 में रिटायर होने वाले हैं, तो जानिए EPFO की EPS स्कीम के तहत आपको हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी और क्या है इसका गणित.

EPFO: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए सबसे बड़ी चिंता बुढ़ापे की लाठी यानी ‘पेंशन’ को लेकर होती है. लेकिन अगर आपकी सैलरी से पीएफ (PF) कटता है, तो आपकी यह चिंता ईपीएफओ (EPFO) की एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) काफी हद तक दूर कर देती है.

अगर आप साल 2026 में रिटायर होने की योजना बना रहे हैं, तो आइए समझते हैं कि आपके हाथ में हर महीने कितनी रकम आएगी.

कैसे बनती है आपकी पेंशन?

जब आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो वो दो हिस्सों में बंटता है:

  • EPF (भविष्य निधि): आपकी सैलरी का हिस्सा, जो रिटायरमेंट पर एकमुश्त (Lumpsum) मिलता है.
  • EPS (पेंशन स्कीम): कंपनी के योगदान का एक बड़ा हिस्सा इसमें जाता है, जो आपको मंथली पेंशन के रूप में मिलता है.
  • शर्त: इस पेंशन का लाभ लेने के लिए आपने कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी की हो.

शन निकालने का आसान फॉर्मूला

आपको किसी एक्सपर्ट की जरूरत नहीं है, आप खुद इस फॉर्मूले से अपनी पेंशन चेक कर सकते हैं:

सरकार के नियमों के मुताबिक, पेंशन कैलकुलेशन के लिए अधिकतम सैलरी की सीमा ₹15,000 तय की गई है. यानी आपकी बेसिक सैलरी कितनी भी ज्यादा हो, फॉर्मूले में ₹15,000 ही गिना जाएगा.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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