Energy Crisis : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने कोयले की सप्लाई को लेकर स्थिति साफ कर दी है. सरकार का कहना है कि देश में घरेलू कोयला उत्पादन फिलहाल मांग के अनुसार पर्याप्त है और किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी. इस पूरी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी Coal India Limited (CIL) अहम भूमिका निभा रही है. कंपनी लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे बिजली उत्पादन और उद्योगों को बिना रुकावट कोयला मिलता रहे.
ई-नीलामी से बढ़ेगी उपलब्धता
कोयले की सप्लाई मजबूत रखने के लिए Coal India Limited ने इस महीने कुल 29 ई-नीलामी (e-auction) करने की योजना बनाई है. इन नीलामियों के जरिए लगभग 2.35 करोड़ टन कोयला बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा.
कोयला मंत्रालय के अनुसार, 12 मार्च 2026 से अब तक 5 नीलामियां आयोजित की जा चुकी हैं. इन नीलामियों में 73.1 लाख टन कोयले की पेशकश की गई थी, जिसमें से करीब 31.96 लाख टन की बुकिंग हो चुकी है. यह आंकड़े बताते हैं कि बाजार में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता है और खरीदारों की मांग भी बनी हुई है.
MSME और राज्यों के लिए विशेष इंतजाम
सरकार ने छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को भी ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किए हैं. इन उद्योगों को कोयला उपलब्ध कराने के लिए राज्य नामित एजेंसियों (SNA) के जरिए सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि छोटे उद्योगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े.
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपील की है कि यदि उन्हें अतिरिक्त कोयले की जरूरत हो, तो वे पहले से जानकारी दें. इससे समय रहते आवश्यक व्यवस्था की जा सकेगी और किसी संभावित ऊर्जा संकट से बचा जा सकेगा.
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