Electronic Gold Receipts: भारत में सोने का एक अलग ही क्रेज है. शादियां हों या त्योहार, लोग सोना जरूर खरीदते हैं. लेकिन अब फिजिकल गोल्ड (यानी असली सोना) को घर की तिजोरी या लॉकर में संभाल कर रखने का झंझट खत्म होने जा रहा है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) नाम का एक नया ट्रेडिंग सेगमेंट लॉन्च किया है. इसके जरिए आप शेयर्स की तरह ही डिजिटल फॉर्म में सोना खरीद और बेच सकते हैं. आइए समझते हैं कि यह पूरा सिस्टम क्या है.
क्या है इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR)?
यह सोने का एक डिजिटल रूप है. जब कोई व्यक्ति सेबी (SEBI) से मान्यता प्राप्त तिजोरियों (Vaults) में असली सोना जमा करता है, तो उसके बदले डिजिटल रसीद मिलती है, जिसे EGR कहते हैं. कानूनी तौर पर इसे ‘सिक्योरिटी’ माना गया है, यानी यह पूरी तरह रेगुलेटेड और सुरक्षित है. इसे आप अपने डीमैट अकाउंट में रख सकते हैं और जब आपका मन करे, इसे वापस असली सोने में बदलवा भी सकते हैं.
यह पूरा सिस्टम कैसे काम करता है?
मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने इस पूरे प्रोसेस को तीन आसान हिस्सों में बांटा है:
- सोने से EGR बनना (Creation): जब कोई डिपॉजिटर वोल्ट मैनेजर (Vault Manager) के पास फिजिकल गोल्ड जमा करता है, तो वोल्ट मैनेजर उसकी जांच करके सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक रसीद (EGR) बना देता है. यह रसीद आपके डीमैट अकाउंट में दिखने लगती है.
- स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग: ईजीआर बनने के बाद इसे शेयर बाजार (जैसे NSE) पर आम शेयर्स की तरह लगातार ट्रेड किया जा सकता है. ब्रोकर के जरिए लोग इसे खरीद और बेच सकते हैं, और इसका सेटलमेंट T+1 दिन में पूरा हो जाता है.
- EGR से वापस सोना पाना (Redemption): अगर किसी इन्वेस्टर को डिजिटल सोने की जगह असली सोना चाहिए, तो वह डिपॉजिटरी सिस्टम के जरिए रिक्वेस्ट डाल सकता है. वोल्ट मैनेजर से असली सोना मिलते ही वह डिजिटल EGR सिस्टम से खत्म (extinguish) कर दिया जाता है.
इसमें इंवेस्ट करने का तरीका क्या है?
EGR में इन्वेस्ट करना उतना ही आसान है जितना किसी कंपनी का शेयर खरीदना. इसके लिए आपको यह स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
- किसी भी सेबी-रजिस्टर्ड ब्रोकर के पास अपना ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खोलें.
- इसके लिए आपको पैन (PAN), आधार (Aadhaar) और बैंक अकाउंट की जानकारी देकर अपनी KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
- अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर जाकर EGR सर्च करें.
- अपनी पसंद के अनुसार मार्केट या लिमिट ऑर्डर प्लेस करके इसे खरीद लें.
इससे इन्वेस्टर्स को क्या फायदा होगा?
इस नए सिस्टम से सोने के बाजार में पारदर्शिता (Transparency) आएगी. पूरे देश में सोने की एक जैसी और सही कीमत का पता लगाना आसान हो जाएगा. इसमें शुद्धता की पूरी गारंटी होती है क्योंकि सोना सरकारी नियमों के तहत सुरक्षित वोल्ट्स में रखा जाता है. ज्वेलर्स, ट्रेडर्स और आम इन्वेस्टर्स के लिए यह सोने में इंवेस्ट करने का एक बेहद सुरक्षित, आसान और आधुनिक ऑप्शन है.
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