दिवाली और छठ पर घर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. त्योहारों के दौरान ट्रेनों में सीटों की भारी मांग रहती है, इसलिए टिकट बुकिंग को लेकर अभी से तैयारी करना जरूरी है. रेलवे के 60 दिन के एडवांस रिजर्वेशन नियम के हिसाब से 5 नवंबर 2026 की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग 6 सितंबर से शुरू हो गई है. वहीं 8 नवंबर यानी दिवाली के दिन सफर करने वालों के लिए रिजर्वेशन 9 सितंबर से खुलेगा.
रेलवे में एडवांस टिकट बुकिंग यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले शुरू होती है और इस गिनती में यात्रा का दिन शामिल नहीं होता. बुकिंग सुबह 8 बजे से शुरू होती है.
किस तारीख की यात्रा के लिए कब बुक होगा टिकट?
| यात्रा की तारीख | मौका | टिकट बुकिंग शुरू |
| 5 नवंबर | दिवाली से पहले घर जाना | 6 सितंबर |
| 6 नवंबर | धनतेरस | 7 सितंबर |
| 7 नवंबर | छोटी दिवाली | 8 सितंबर |
| 8 नवंबर | बड़ी दिवाली | 9 सितंबर |
| 9 नवंबर | गोवर्धन पूजा | 10 सितंबर |
| 10 नवंबर | भाईदूज | 11 सितंबर |
इसलिए सिर्फ त्योहार की तारीख देखकर टिकट बुक करने की तैयारी न करें. आप जिस दिन वास्तव में ट्रेन से सफर करेंगे, उसी तारीख के हिसाब से 60 दिन पहले बुकिंग खुलेगी.
किन रूट्स पर टिकट मिलना सबसे मुश्किल होगा?
दिवाली और छठ के दौरान दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड की तरफ जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है. दिल्ली-पटना, दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-कानपुर, दिल्ली-लखनऊ, दिल्ली-गोरखपुर, मुंबई-पटना, हावड़ा-पटना, पटना-अहमदाबाद, दिल्ली-रांची, लुधियाना-पटना, लुधियाना-सुपौल, चेन्नई-पटना और हैदराबाद-पटना जैसे रूट पर कंफर्म सीट के लिए मारामारी रहती है.
ऐसे रूट पर बुकिंग खुलते ही बड़ी संख्या में यात्री टिकट लेने की कोशिश करते हैं. इसलिए ट्रेन, स्टेशन और क्लास का विकल्प पहले से तय रखना फायदेमंद रहेगा.
टिकट बुक करते समय क्या तैयारी रखें?
यात्री RailOne ऐप, IRCTC और अन्य अधिकृत रेलवे माध्यमों से टिकट बुक कर सकते हैं. बुकिंग से पहले यात्री की जानकारी सेव रखें और इंटरनेट कनेक्शन भी ठीक रखें.
- यात्रा की तारीख और ट्रेन नंबर पहले से तय रखें.
- AC, स्लीपर या चेयरकार जैसी क्लास पहले चुन लें.
- एक से ज्यादा ट्रेनों का विकल्प तैयार रखें.
- स्टेशन से टिकट लेना है तो फॉर्म और जरूरी रकम पहले से तैयार रखें.
रेलवे ने त्योहारों की भीड़ को देखते हुए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की भी तैयारी की है. रेगुलर ट्रेन में सीट न मिले तो अपने रूट की स्पेशल ट्रेन की घोषणा भी देखते रहें.
कंफर्म टिकट नहीं मिला तो क्या करें?
अगर कंफर्म सीट नहीं मिलती है तो दूसरी ट्रेन, नजदीकी स्टेशन या यात्रा की तारीख में थोड़ा बदलाव आजमाया जा सकता है. इसके अलावा Tatkal टिकट भी विकल्प है. नियम के मुताबिक AC क्लास के लिए Tatkal बुकिंग यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10 बजे और नॉन-AC क्लास के लिए सुबह 11 बजे शुरू होती है.
रेलवे की एक प्रयोगात्मक योजना के तहत कुछ शर्तों के साथ आने-जाने का टिकट एकसाथ बुक करने पर रिटर्न टिकट पर 20% छूट भी मिल सकती है. हालांकि यह छूट शताब्दी, राजधानी, दुरंतो, सुविधा, वंदे भारत और तेजस जैसी फ्लेक्सी फेयर ट्रेनों पर लागू नहीं है.
ये भी पढ़ें: दिवाली-छठ पर ट्रेन का कंफर्म टिकट पाना हुआ आसान: आईआरसीटीसी के इन 3 हैक्स से झटपट बुक करें अपनी सीट
