Defence Budget 2024: रक्षा क्षेत्र में वित्त मंत्री ने खोला खजाना, 6.21 लाख करोड़ रुपये किया आवंटित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए खजाना खोला है. वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में 6.21 लाख करोड़ रुपये बजट आवंटित किया है. सेना को कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें बड़े पैमाने पर नए हथियार, विमान, युद्धपोत और अन्य सैन्य उपकरण की खरीदारी शामिल है.

Defence Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज यानी 1 फरवरी 2024 को सरकार का अंतरिम बजट पेश किया. लोकलुभावन वादों से दूर वित्त मंत्री ने सुधारों को आगे बढ़ाने वाला अंतरिम बजट पेश किया. अपने बजट में वित्त मंत्री ने सरकार की 10 सालों की उन उपलब्धियों को दिखाने की कोशिश की जिसके कारण आज देश दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बजट को शानदार कहकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है. अंतरिम बजट 2024 को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि यह देश के भविष्य के निर्माण का बजट है. यह विकसित भारत के लिए समर्पित है. इस बजट में युवा भारत की युवा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है. वित्त मंत्री ने अपनी अंतरिम बजट में विभिन्न मंत्रालयों के लिए भी फंड आबंटन की घोषणा कर दी है. उन्होंने सबसे अधिक बजट रक्षा मंत्रालय को दिया है.

रक्षा क्षेत्र के लिए 6.21 लाख करोड़ रुपये आवंटित
वित्त मंत्री ने गुरुवार को घोषित अपने अंतरिम बजट 2024-25 में रक्षा क्षेत्र के लिए 6.21 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए. पिछले साल यह आवंटन 5.94 लाख करोड़ रुपये था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश अंतरिम केंद्रीय बजट में, पूंजीगत व्यय के लिए सेना को कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें बड़े पैमाने पर नए हथियार, विमान, युद्धपोत और अन्य सैन्य उपकरण की खरीदारी शामिल है. पिछले साल यानी 2023-24 में पूंजी परिव्यय के लिए बजटीय आवंटन 1.62 लाख करोड़ रुपये था. वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा प्रयोजनों के लिए गहन प्रौद्योगिकियों को मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता में तेजी लाने के लिए नयी योजना शुरू की जाएगी.

बजट दस्तावेज के मुताबिक, कुल राजस्व व्यय 4,39,300 करोड़ रुपये आंका गया है जिनमें रक्षा पेंशन के लिए 1,41,205 करोड़ रुपये, रक्षा सेवाओं के लिए 2,82,772 करोड़ रुपये और रक्षा मंत्रालय (नागरिक) के लिए 15,322 करोड़ रुपये शामिल हैं. वहीं, रक्षा सेवाओं के लिए पूंजीगत परिव्यय में, विमान और एयरो इंजन के लिए 40,777 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि अन्य साजो सामान के लिए 62,343 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके साथ ही नौसेना बेड़े के लिए 23,800 करोड़ रुपये और नौसेना डॉकयार्ड परियोजनाओं के लिए 6,830 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

गृह मंत्रालय का बढ़ा बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में गृह मंत्रालय को 2.03 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.  वहीं, पिछले बजट में गृह मंत्रालय को 1.96 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. इस बार के बजट में गृह मंत्रालय के बजट में इजाफा किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने वित्त मंत्री के बजट की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि बजट भाषण अमृत काल के दौरान भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने की अपनी यात्रा में मोदी सरकार की ओर से बीते 10 सालों में हासिल किए गए मील के पत्थर पर प्रकाश डालता है. इन्हीं उपलब्धियों की नींव पर, विकसित भारत की भव्य इमारत का निर्माण किया जा रहा है.

विदेश मंत्रालय को मिला 22,154 करोड़ रुपये का आवंटन
वित्त मंत्री ने अपने अंतरिम बजट में विदेश मंत्रालय को कुल 22,154 करोड़ रुपये आवंटित किए. पिछले साल उसका परिव्यय 18,050 करोड़ रुपये था. भारत की पड़ोस पहले नीति के अनुरूप, 2,068 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ सहायता मद का सबसे बड़ा हिस्सा भूटान को दिया गया है. 2023-24 में हिमालयी राष्ट्र के लिए विकास परिव्यय 2,400 करोड़ रुपये था. वहीं, चाबहार बंदरगाह के लिए आवंटन 100 करोड़ रुपये ही रखा गया है. भाषा इनपुट से साभार

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Author: Pritish Sahay

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