Crude Oil Prices Today: सोमवार, 4 मई 2026 की सुबह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड 108.08 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी तेल (WTI) 101.64 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहे हैं. पिछले हफ्ते के मुकाबले कीमतों में यह गिरावट इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ा संकेत है. बाजार में यह हलचल मुख्य रूप से दो बड़ी वजहों से है: पहला, OPEC+ का तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला और दूसरा, मिडिल ईस्ट के हालातों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया कदम.
क्या तेल की सप्लाई बढ़ने से दाम और गिरेंगे?
सऊदी अरब और रूस जैसे देशों के समूह OPEC+ ने 3 मई को घोषणा की है कि वे जून 2026 से तेल का उत्पादन बढ़ाएंगे. सात सदस्य देशों ने मिलकर हर दिन करीब 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त तेल बाजार में उतारने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस संगठन से बाहर हो गया है, जिससे इस तेल कार्टेल की ताकत थोड़ी कमजोर पड़ सकती है. उत्पादन बढ़ने की खबर से मार्केट में यह उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में सप्लाई की कमी दूर होगी, जिससे कीमतों में और गिरावट आ सकती है.
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’: क्या ट्रंप के इस कदम से समुद्री रास्ता सुरक्षित होगा?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में चल रहे तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ लॉन्च करने का ऐलान किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सेना अब कार्गो शिप्स को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए उन्हें एस्कॉर्ट करेगी. ट्रंप को उम्मीद है कि ईरान के साथ शांति वार्ता सफल रहेगी. हालांकि, ईरान ने इसे अपनी सीमा का उल्लंघन बताया है. अगर शांति वार्ता सफल होती है, तो युद्ध का डर कम होगा और तेल की कीमतें काफी नीचे आ सकती हैं.
डॉलर की मजबूती: क्यों सस्ता हो रहा है सोना?
सोने की कीमतों में भी आज गिरावट देखी जा रही है. कॉमेक्स (COMEX) गोल्ड 4,616 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है. जब डॉलर का रेट बढ़ता है, तो सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घट जाती है और कीमतें नीचे गिरती हैं. फिलहाल डॉलर इंडेक्स (DXY) 98.185 के स्तर पर है.
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