पश्चिम एशिया संकट का असर, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, $100 के पार पहुंचे दाम

Crude Oil Prices: पश्चिम एशिया युद्ध से तेल $100 पार पहुंचा. ICICI बैंक के अनुसार, FY27 में यह $80 रह सकता है. इससे भारत का व्यापार घाटा बढ़कर $383 अरब और CAD 1.4% होने का अनुमान है.

Crude Oil Prices: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनाव का असर अब आपकी जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. ICICI बैंक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की कीमतों में आई भारी उछाल भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है.

कच्चा तेल: $100 के पार

युद्ध और समुद्री रास्तों (जैसे स्वेज नहर और होर्मुज जलडमरूमध्य) में रुकावट की वजह से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं.

  • मौजूदा स्थिति: तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. तुलना के लिए, पिछले साल (अप्रैल 2025 – फरवरी 2026) यह औसतन $66 के आसपास थी.
  • अनुमान: बैंक का मानना है कि इस उठापटक के बाद वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) तक तेल की कीमतें $80 प्रति बैरल के आसपास जाकर टिक सकती हैं.

भारत पर इसका सीधा असर क्यों ?

भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा बाहर से खरीदता है. रिपोर्ट के अनुसार हम अपनी तेल की जरूरत का 52-60% और गैस का 80-85% हिस्सा इसी क्षेत्र (मिडल ईस्ट) से मंगाते हैं. अगर तेल की कीमत में सिर्फ $10 की बढ़ोतरी होती है, तो भारत का ‘चालू खाता घाटा’ (CAD) लगभग 12 अरब डॉलर बढ़ जाता है.

सिर्फ तेल ही नहीं, कमाई पर भी खतरा

मिडल ईस्ट में तनाव का मतलब सिर्फ महंगा पेट्रोल-डीजल नहीं है:

  • निर्यात (Exports): भारत के कुल सामान निर्यात का 15% हिस्सा इसी क्षेत्र में जाता है, जो युद्ध की वजह से रुक सकता है.
  • रेमिटेंस (Remittance): विदेश से जो भारतीय पैसा घर भेजते हैं, उसका 38% हिस्सा इसी इलाके से आता है. वहां अस्थिरता होने पर यह कमाई कम हो सकती है.

व्यापार घाटे का बढ़ता बोझ

ICICI बैंक ने भारत के आर्थिक आंकड़ों में कुछ बदलाव किए हैं.

  • व्यापार घाटा (Trade Deficit): पहले अनुमान था कि यह 363 अरब डॉलर रहेगा, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 383 अरब डॉलर कर दिया गया है.
  • CAD (Current Account Deficit): यह देश की सेहत का पैमाना है. अब इसके GDP का 1.4% रहने का अनुमान है, जो पहले 1% माना जा रहा था.
सेक्टरस्थिति
सोना (Gold)इसका आयात 29% तक बढ़ गया है.
नॉन-ऑयल निर्यातइसमें 5% की अच्छी बढ़त देखी गई है.
तेल निर्यातइसमें 17% की गिरावट आई है.

Also Read: मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, जानें 17 मार्च को आपके शहर में क्या है रेट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >