Crude Oil Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर एक बार फिर दुनिया भर के तेल बाजार पर दिख रहा है. बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि WTI क्रूड 104 डॉलर के करीब बना रहा. बाजार में डर इस बात का है कि अगर हालात और बिगड़े तो तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है.
क्या फिर होगा अमेरिका का हमला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर शांति समझौते पर बात नहीं बनी, तो अमेरिका दोबारा बड़ा सैन्य हमला कर सकता है. हालांकि मंगलवार को ट्रंप ने तय हमला टाल दिया था, लेकिन उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो फिर बड़ा वार किया जाएगा. अब बाजार की नजर अगले कुछ दिनों की बातचीत पर टिकी है.
तेल के दाम इतने क्यों बढ़े?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा बढ़ गया है. दुनिया के कई देशों तक तेल पहुंचाने का काम इसी रास्ते से होता है. अगर यहां सप्लाई रुकी, तो ग्लोबल मार्केट में तेल की कमी हो सकती है. यही वजह है कि पिछले एक महीने में ब्रेंट क्रूड करीब 22% तक चढ़ चुका है.
क्या सोना अब कमजोर पड़ रहा है?
आमतौर पर तनाव बढ़ने पर सोना मजबूत होता है, लेकिन इस बार डॉलर की मजबूती ने गोल्ड पर दबाव बना दिया है. COMEX गोल्ड कीमतों में गिरावट देखी गई और पिछले एक महीने में सोना करीब 8% तक टूट चुका है. इन्वेस्टर्स फिलहाल डॉलर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं.
आगे बाजार में क्या होगा?
अब पूरा बाजार अमेरिका-ईरान बातचीत और संभावित सैन्य फैसलों पर नजर रखे हुए है. अगर तनाव बढ़ता है, तो तेल और महंगा हो सकता है. वहीं किसी समझौते की खबर आने पर कीमतों में राहत भी देखने को मिल सकती है.
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