Crude Oil Future Prices: मंगलवार को भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया. सप्लाई रुकने के डर और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के बिगड़ते हालातों की वजह से कच्चे तेल का वायदा भाव ₹10,888 प्रति बैरल के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 116 डॉलर के पार निकल गया है.
क्यों बेकाबू हो रही हैं कीमतें?
- सप्लाई चेन पर ‘होर्मुज’ का साया: दुनिया का एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा के लिए जिस समुद्री रास्ते (होर्मुज जलडमरूमध्य) पर निर्भर है, वहां तनाव चरम पर है. जानकारों का कहना है कि अगर यह रास्ता प्रभावित होता है, तो तेल की वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह टूट सकती है. इसी डर से व्यापारी भारी खरीदारी कर रहे हैं.
- वायदा बाजार में रिकॉर्ड तोड़ तेजी: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल महीने के लिए कच्चे तेल का कॉन्ट्रैक्ट ₹300 महंगा होकर ₹10,888 पर बंद हुआ. मई के कॉन्ट्रैक्ट में भी करीब ₹170 की बढ़त देखी गई है. यह बढ़त दिखाती है कि आने वाले समय में भी राहत की उम्मीद कम है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल (Global Crises)
- WTI क्रूड: अमेरिकी कच्चा तेल करीब $4 से ज्यादा उछलकर $116.55 पर पहुंच गया है.
- ब्रेंट क्रूड: वैश्विक बेंचमार्क माना जाने वाला ब्रेंट ऑयल भी 1.5% चढ़कर $111.40 पर कारोबार कर रहा है.
| मार्केट/क्रूड | ताजा भाव | बढ़ोत्तरी | स्थिति |
| MCX (भारत) | ₹10,888/बैरल | +2.83% | ऑलटाइम हाई |
| WTI (अमेरिका) | $116.55/बैरल | +3.70% | भारी तेजी |
| ब्रेंट (ग्लोबल) | $111.40/बैरल | +1.50% | तनाव बरकरार |
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