Cigarette sales take a hit after tax hike: केंद्र सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाने के फैसले का असर अब कंपनियों के बैलेंस शीट पर दिखने लगा है. इंफोर्मिस्ट (Informist) की रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों में भारी वृद्धि के कारण मार्च में बिक्री में 5% की गिरावट आई है, और अप्रैल में यह गिरावट और गहरी होने की आशंका है.
टैक्स और कीमतों का असर
1 फरवरी से लागू नए नियमों के बाद, सिगरेट के 10 स्टिक वाले पैकेट की कीमतों में ₹22 से ₹55 तक की बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने उच्चतम 40% GST स्लैब के ऊपर ₹2,050 से ₹8,500 प्रति हजार स्टिक (लंबाई के आधार पर) की एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है.
स्टॉक मार्केट में गिरावट
टैक्स बढ़ोतरी की घोषणा के बाद से सिगरेट कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई है:
- ITC: सबसे ज्यादा 17.55% टूटकर ₹300 के स्तर पर पहुंच गया है.
- Godfrey Phillips: 10% की गिरावट.
- VST Industries: 11% की गिरावट.
कंपनियों पर असर: ITC बनाम अन्य
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियों के मुनाफे (Margins) पर इसका गहरा असर पड़ेगा. हालांकि, सभी कंपनियों पर इसका प्रभाव एक जैसा नहीं होगा:
- ITC के लिए राहत की बात: भले ही ITC के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सिगरेट का योगदान 80% है, लेकिन कंपनी का FMCG (Sunfeast, Bingo, Savlon), एग्री-बिजनेस और पेपरबोर्ड सेगमेंट (जो कुल रेवेन्यू का 60% है) एक सुरक्षा कवच (Cushion) की तरह काम करेगा.
- Godfrey Phillips की चुनौती: गॉडफ्रे फिलिप्स जैसी कंपनियां पूरी तरह से तंबाकू उत्पादों पर निर्भर हैं. उनके पास ITC जैसा डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो नहीं है, जिससे उन पर बिक्री में गिरावट और ‘डाउन-ट्रेडिंग’ (सस्ती सिगरेट की ओर मुड़ना) का ज्यादा बुरा असर पड़ेगा.
| पैरामीटर | अनुमानित बदलाव | मुख्य कारण |
| बिक्री की मात्रा (Volume) | 10% की गिरावट ↓ | उच्च कीमतें और मांग में कमी. |
| सिगरेट सेगमेंट प्रॉफिट | 15-20% की गिरावट ↓ | टैक्स का बोझ और बढ़ी हुई लागत. |
| मार्जिन (Margins) | हल्की गिरावट ↓ | कच्चे माल (तंबाकू) की बढ़ती कीमतें. |
| ITC प्रॉफिट ग्रोथ (YoY) | ~3% की बढ़त ↑ | जनवरी में हुई भारी स्टॉकिंग का फायदा. |
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