आपसी रस्साकशी के बीच चीन का जून में अमेरिका से आयात में दर्ज की गयी बढ़ोतरी

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव के बावजूद जून महीने में अमेरिका से चीन का आयात एक साल पहले के मुकाबले 10.6 फीसदी बढ़ा है. इसके साथ ही, चीन का वैश्विक व्यापार भी बढ़ा है. इससे यह संकेत मिलता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से बाहर निकल रही है. चीन का जून महीने में वैश्विक आयात 3 फीसदी बढ़कर 167.2 अरब डॉलर का रहा है. इससे पिछले महीने मई में आयात 3.3 फीसदी गिरा था. सीमा शुल्क के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. वहीं, निर्यात कारोबार इस दौरान 0.4 फीसदी बढ़कर 213.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

बीजिंग : अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव के बावजूद जून महीने में अमेरिका से चीन का आयात एक साल पहले के मुकाबले 10.6 फीसदी बढ़ा है. इसके साथ ही, चीन का वैश्विक व्यापार भी बढ़ा है. इससे यह संकेत मिलता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से बाहर निकल रही है. चीन का जून महीने में वैश्विक आयात 3 फीसदी बढ़कर 167.2 अरब डॉलर का रहा है. इससे पिछले महीने मई में आयात 3.3 फीसदी गिरा था. सीमा शुल्क के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. वहीं, निर्यात कारोबार इस दौरान 0.4 फीसदी बढ़कर 213.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया.

इससे पहले मई में निर्यात 16.7 फीसदी घटा था. चीन का वैश्विक व्यापार अधिशेष जून महीने में 46.4 अरब डॉलर रहा. अमेरिकी सामान पर ऊंचा सीमा शुल्क लगाने के बावजूद अमेरिकी सामानों का आयात बढ़कर 10.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया. वहीं, अमेरिका को चीन का निर्यात एक फीसदी बढ़कर 39.8 अरब डॉलर रहा.

व्यापार और प्रौद्योगिकी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है. चीन में दिसंबर 2019 में महामारी की शुरुआत के बाद सबसे पहले लॉकडाउन लगाया गया था. चीन पहली अर्थव्यवस्था थी, जिसने इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लागू किया. चीन के बुहान शहर से ही यह वायरस फैलना शुरू हुआ.

वहीं, चीन पहली प्रमुख अर्थव्यवस्व्था है, जिसने सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की हैं. चीन में कारखानों में कामकाज शुरू हो गया है, लेकिन संभावित नौकरियों के नुकसान को लेकर उपभोक्ता अभी सामान्य नहीं है और बड़ा खर्च नहीं कर रहे हैं. आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात कमजोर पड़ सकता है. सर्जिकल मास्क और दूसरी चिकित्सा आपूर्तियों की मांग घट रही है. अमेरिकी और यूरोपीय खुदरा विक्रेताओं ने अपने ऑर्डर निरस्त कर दिये हैं.

चीन की अर्थव्यवस्था में इस साल की पहली तिमाही के दौरान 6.8 फीसदी की गिरावट आयी है. पिछले कई दशकों में चीन की अर्थव्यवस्था का यह सबसे खराब प्रदर्शन रहा है. चीन की सत्तधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस वर्ष के आर्थिक वृद्धि लक्ष्य की घोषणा नहीं की है, लेकिन कुछ निजी विश्लेषकों ने वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में हल्की गिरावट से लेकर एक अंकीय वृद्धि रहने का अनुमान व्यक्त किया है.

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Posted By : Vishwat Sen

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