Budget 2023: बजट से पहले एसोचैम ने कहा, व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को लेकर पुरर्विचार करे सरकार

Budget 2023 में व्यक्तिगत कर को घटाने और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश जारी रखने से लेकर महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने तथा उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी घटाने तक की अपेक्षाएं शामिल हैं.

Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को 2023-24 का आम बजट पेश करने की तैयारियों में जुटी है. बजट में व्यक्तिगत कर को घटाने और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश जारी रखने से लेकर महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने तथा उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी घटाने तक की अपेक्षाएं शामिल हैं.

बजट 2023 पर एसोचौम के महासचिव ने कही ये बात

इन सबके बीच, एसोचौम के महासचिव दीपक सूद बजट 2023 पर अपनी राय रखते हुए कहा कि मुझे लगता है, निचले स्तर से लेकर उच्चतम स्तर तक के व्यक्तिगत आयकर पर कम टैक्स स्लैब के लिए सरकार की ओर से पुनर्विचार किया जाना चाहिए. इससे लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए और निवेश के लिए भी ज्यादा पैसा आएगा. साथ ही बजट में विनिर्माण को बढ़ाया जाना चाहिए.


जानिए अभी क्या है आयकर छूट की सीमा

बताते चलें कि भारत में आयकर छूट की सीमा फिलहाल 2.5 लाख रुपये तय की गई है. हालांकि, धारा 87A के तहत उपलब्ध छूट विकल्प के कारण पांच लाख रुपये तक की आय व्यावहारिक रूप से कर-मुक्त है. लेकिन, व्यक्तिगत करदाता की कर देनदारी 5 लाख रुपये तक बढ़ जाती है. इस कारण, आयकर छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की लंबे समय से मांग की जा रही है. एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) ने वित्त मंत्रालय को केंद्रीय बजट 2023 में आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है.

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By Samir Kumar

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