Bitcoin में बड़ी गिरावट के बाद क्या खरीदारी का मौका? जानिए क्या होता है Bottoming Zone

बिटकॉइन में आई बड़ी गिरावट के बाद क्या यह बॉटमिंग जोन में प्रवेश कर चुका है? जानिए इस महत्वपूर्ण चरण का मतलब और निवेशकों को किन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए.

बिटकॉइन में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी अब एक नए Bottoming Zone में प्रवेश कर चुकी है. पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 49% की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी और सतर्कता दोनों देखने को मिल रही हैं.

हालांकि इतिहास बताता है कि बड़ी गिरावट के बाद बनने वाला यह चरण लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अहम साबित हो सकता है, लेकिन यह भविष्य की गारंटी नहीं है. ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि Bottoming Zone क्या होता है और आगे किन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए.

Bottoming Zone क्या होता है?

Bottoming Zone वह दौर होता है जब किसी एसेट में बड़ी गिरावट के बाद कीमतें एक सीमित दायरे में स्थिर होने लगती हैं. इस दौरान लगातार तेज गिरावट की रफ्तार कम हो जाती है. खरीदार और विक्रेता लगभग बराबरी पर आ जाते हैं.कीमतें लंबे समय तक एक दायरे में घूम सकती हैं. इसके बाद बाजार या तो नई तेजी शुरू करता है या फिर एक और गिरावट देख सकता है. यानी Bottoming Zone का मतलब यह नहीं होता कि कीमतें अब निश्चित रूप से ऊपर ही जाएंगी. यह केवल बाजार के स्थिर होने का संभावित संकेत माना जाता है.

बिटकॉइन में अभी क्या हो रहा है?

हालिया आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर करीब 126,198 डॉलर से लगभग 49% नीचे कारोबार कर रहा है. हाल की ट्रेडिंग में इसकी कीमत 64,000 डॉलर के ऊपर पहुंची. पिछले 24 घंटे में हल्की बढ़त दर्ज हुई. साप्ताहिक आधार पर भी सीमित रिकवरी देखने को मिली. हालांकि, कीमत अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे है.

एक्सपर्ट्स Bottoming Zone की बात क्यों कर रहे हैं?

क्रिप्टो एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा प्राइस स्ट्रक्चर कुछ हद तक 2021-22 के मार्केट साइकल जैसा दिखाई दे रहा है. उस समय भी बिटकॉइन में बड़ी गिरावट आई थी. कीमतें लंबे समय तक एक सीमित दायरे में रहीं. उसके बाद धीरे-धीरे नई तेजी शुरू हुई. हालांकि हर मार्केट साइकल अलग होता है और पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता.

फिलहाल बाजार को कौन-कौन से फैक्टर प्रभावित कर रहे हैं?

  1. ग्लोबल जियोपॉलिटिकल घटनाएं : अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने जोखिम वाले निवेशों पर असर डाला है. तनाव कम होने के संकेत मिलने से कुछ समय के लिए निवेशकों का भरोसा बढ़ा.
  2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड : अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ सकता है. इसका असर क्रिप्टो जैसे हाई-रिस्क एसेट्स पर पड़ता है.
  3. ETF निवेश : स्पॉट Bitcoin ETF में निवेश की रफ्तार बाजार की दिशा तय करने वाला बड़ा संकेत बन चुकी है. मजबूत ETF इनफ्लो कीमतों को सहारा दे सकते हैं.
  4. संस्थागत निवेश : बड़े फंड और वित्तीय संस्थानों की खरीदारी बाजार में भरोसा बढ़ाती है. वहीं उनकी बिकवाली से दबाव बढ़ सकता है.

क्या अभी निवेश का सही समय है?

इसका कोई निश्चित जवाब नहीं है.

यदि वास्तव में Bottoming Zone बन रहा है, तो कीमतें कुछ समय तक सीमित दायरे में रह सकती हैं. वहीं यदि बाजार में नई कमजोरी आती है, तो और गिरावट भी संभव है.

विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि.

  • एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश (SIP या DCA) पर विचार करें.
  • केवल उतना ही निवेश करें, जितना नुकसान उठाने की क्षमता हो.
  • क्रिप्टोकरेंसी की अत्यधिक अस्थिरता को ध्यान में रखें.

Bottoming Zone और Bull Run में क्या अंतर है?

Bottoming ZoneBull Run
कीमतें सीमित दायरे में रहती हैंकीमतों में लगातार तेजी आती है
बाजार दिशा तय कर रहा होता हैनिवेशकों का भरोसा मजबूत होता है
वॉल्यूम सामान्य या धीरे-धीरे बढ़ता हैखरीदारी तेज होती है
अनिश्चितता अधिक रहती हैतेजी का माहौल बनता है

निवेशकों के लिए मुख्य बातें

  • बिटकॉइन में लगभग 49% की गिरावट के बाद Bottoming Zone की चर्चा तेज हुई है.
  • इतिहास में ऐसे चरणों के बाद रिकवरी देखी गई है, लेकिन हर बार ऐसा हो, इसकी कोई गारंटी नहीं.
  • ETF फ्लो, संस्थागत निवेश, वैश्विक ब्याज दरें और आर्थिक परिस्थितियां आगे की दिशा तय करेंगी.
  • केवल सोशल मीडिया या शॉर्ट टर्म ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला न लें.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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