Dragon Fruit Farming Subsidy Scheme : अगर आप बिहार के किसान हैं और पारंपरिक खेती (जैसे धान, गेहूं या मक्का) से हटकर कुछ ऐसा करना चाहते हैं जिससे कम जमीन में भी आपकी कमाई दोगुनी-तिगुनी हो सके, तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका है.
बिहार सरकार के कृषि विभाग (उद्यान निदेशालय) ने किसानों की किस्मत बदलने के लिए ‘ड्रैगन फ्रूट विकास योजना 2025-26’ की शुरुआत की है. इस योजना के तहत अगर आप अपने खेतों में ड्रैगन फ्रूट की बागवानी करते हैं, तो सरकार आपको प्रति हेक्टेयर 2.70 लाख रुपये तक का भारी अनुदान (Subsidy) देगी. आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ आपको कैसे और कहां मिलेगा.
दो सालों में किश्तों में मिलेगी सब्सिडी
सरकार ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए यह सब्सिडी एक साथ नहीं, बल्कि दो सालों में दो किश्तों में देगी. इसका गणित कुछ इस तरह है.
- पहले साल (First Year): ₹1,62,000 प्रति हेक्टेयर
- दूसरे साल (Second Year): ₹1,08,000 प्रति हेक्टेयर
- कुल सब्सिडी: ₹2,70,000 प्रति हेक्टेयर
ध्यान रहे कि इस अनुदान राशि में से पौधरोपण सामग्री (पौधों) की लागत काट ली जाएगी. ये पौधे आपको सरकार द्वारा ई-निविदा (E-Tender) के जरिए चुनी गई ऑफिशियल एजेंसी या सप्लायर के माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि पौधों की क्वालिटी बेस्ट हो.
बिहार के इन 23 जिलों के किसान उठा सकते हैं फायदा
यह योजना फिलहाल पूरे बिहार में नहीं, बल्कि चुनिंदा 23 जिलों में लागू की गई है. अगर आप दिए गए जिलों के निवासी हैं, तो तुरंत आवेदन कर सकते हैं. अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा और सीवान.
कौन कर सकता है आवेदन ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.
- आपके पास कम से कम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक कृषि भूमि होनी चाहिए.
- इसका लाभ सिर्फ वही किसान ले सकते हैं जो खुद भूमि के मालिक (रैयत) हैं. बटाईदार या किराए की जमीन पर खेती करने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा.
- आवेदन करते समय आपके पास भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) या हालिया राजस्व रसीद (Lagand Receipt) होना अनिवार्य है. अगर रसीद पर आपका नाम साफ नहीं है, तो आपको अपनी ‘वंशावली’ (Family Tree) भी साथ लगानी होगी.
लाभार्थियों के चयन में आरक्षण
बिहार सरकार ने समाज के हर वर्ग और खासकर महिला किसानों को आगे बढ़ाने के लिए इस योजना में विशेष कोटे का प्रावधान किया है.
| वर्ग (Category) | निर्धारित लक्ष्य (Reservation) | महिलाओं के लिए विशेष भागीदारी |
| सामान्य वर्ग (General/OBC) | 78.537 प्रतिशत | इस वर्ग की कुल सीटों में 30% महिलाओं के लिए रिजर्व |
| अनुसूचित जाति (SC) | 20 प्रतिशत | इस वर्ग की कुल सीटों में 30% महिलाओं के लिए रिजर्व |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 1.463 प्रतिशत | इस वर्ग की कुल सीटों में 30% महिलाओं के लिए रिजर्व |
सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा
इस योजना में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या बिचौलियों की गुंजाइश नहीं है. स्वीकृत की गई सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी. इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी के लिए एक्टिव है या नहीं.
क्यों बढ़ रहा है ड्रैगन फ्रूट का क्रेज?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट एक सुपरफूड है, जिसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. भारतीय बाजारों में (विशेषकर बड़े शहरों और होटलों में) इसकी मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. चूंकि यह एक बार लगाने के बाद कई सालों तक फल देता है और इसमें पानी की खपत भी कम होती है, इसलिए पारंपरिक फसलों के मुकाबले इसमें कई गुना ज्यादा मुनाफा होता है.
आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो देर न करें. आप कृषि विभाग, बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म भरने से पहले वेबसाइट पर दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को एक बार ध्यान से जरूर पढ़ लें.
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