Bharat Coking Coal IPO: 9 जनवरी से खुलेगा कोल इंडिया की सब्सिडियरी का आईपीओ, जानिए पूरी डिटेल

Bharat Coking Coal IPO: इस आईपीओ के माध्यम से कुल ₹1,071.11 करोड़ का शेयर बेचा जाएगा, जिसमें 465,700,000 शेयर शामिल हैं. यह पूरी पेशकश फॉर सेल है, यानी नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं.

By Abhishek Pandey | January 6, 2026 10:29 AM

Bharat Coking Coal IPO: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), जो कोल इंडिया का एक प्रमुख हिस्सा है, अपनी पहली बार सार्वजनिक पेशकश (IPO) के साथ शुक्रवार, 9 जनवरी को बाजार में प्रवेश करने जा रही है. इस आईपीओ की कीमत ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय की गई है और यह 13 जनवरी तक खुला रहेगा. भारत कोकिंग कोल का आईपीओ 9 जनवरी से शुरू होकर 13 जनवरी तक जारी रहेगा. वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली की प्रक्रिया 8 जनवरी को होगी.

आईपीओ (IPO) की स्ट्रक्चर क्या है?

इस आईपीओ के माध्यम से कुल ₹1,071.11 करोड़ का शेयर बेचा जाएगा, जिसमें 465,700,000 शेयर शामिल हैं. यह पूरी पेशकश फॉर सेल है, यानी नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं. इसलिए, कंपनी को इस बिक्री से कोई धनराशि प्राप्त नहीं होगी, बल्कि यह पैसा कोल इंडिया के पास जाएगा जो प्रमोटर है.

आईपीओ का मूल्य सीमा (प्राइस बैंड)

  • शेयरों का मूल्य सीमा ₹21 से ₹23 प्रति शेयर रखा गया है.
  • आरक्षित हिस्सेदारी (Reservation)
  • 50% हिस्सेदारी योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB) के लिए आरक्षित है.
  • 15% गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए.
  • 35% खुदरा निवेशकों के लिए.
  • न्यूनतम निवेश और लॉट साइज

खुदरा निवेशक कम से कम 600 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, और इसके बाद के आवेदन इसी संख्या के गुणा में होंगे.

आईपीओ का प्रबंधन और रजिस्ट्रार

आईपीओ का प्रबंधन IDBI कैपिटल मार्केट्स और ICICI सिक्योरिटीज कर रहे हैं. रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी KFin टेक्नोलॉजीज की है.

आवंटन और लिस्टिंग की तारीख

आवंटन की अंतिम तिथि 14 जनवरी है, जबकि 16 जनवरी को शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध होंगे.

भारत कोकिंग कोल आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)

मीडिया रिपोर्ट्स और investorgain.com के अनुसार, भारत कोकिंग कोल के अनलिस्टेड शेयर ₹36.5 पर ट्रेड हो रहे हैं. इसका मतलब है कि शेयर की ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹13.5 यानी 58.70% है, जो आईपीओ के ऊपरी मूल्य ₹23 से अधिक है.

आईपीओ के पीछे का मकसद और निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

चूंकि यह फॉर सेल ऑफर है, इस आईपीओ के जरिए कंपनी को कोई ताजा पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि प्रमोटर यानी कोल इंडिया अपने हिस्से का हिस्सा बेच रहे हैं. यह कदम कंपनी के शेयरधारकों को लाभ पहुंचाने और बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए हो सकता है. निवेशक इस अवसर का उपयोग भारत कोकिंग कोल के शेयर खरीदने के लिए कर सकते हैं, जो कोयला उद्योग में एक महत्वपूर्ण कंपनी है.

भविष्य के IPO की झलक

भारत कोकिंग कोल के बाद भी कई कंपनियों जैसे इंडिरा IVF, जेरेई फिटनेस, RKCPL, चार्टर्ड स्पीड और अन्य ने SEBI से अपनी आईपीओ की मंजूरी प्राप्त कर ली है. ये कंपनियां भी आने वाले समय में पूंजी बाजार में प्रवेश करेंगी. अगर आप इस आईपीओ में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो सभी नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें और बाजार की स्थिति के अनुसार निर्णय लें.

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