Government Schemes for Women: आज के बदलते भारत में महिलाएं अब सिर्फ घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं हैं. कॉर्पोरेट ऑफिस से लेकर छोटे स्टार्टअप्स तक, हर जगह महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है. केंद्र सरकार भी इस बदलाव को रफ्तार देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, जो महिलाओं को लोन, ट्रेनिंग और भारी सब्सिडी के जरिए आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही हैं.
लखपति दीदी योजना
यह योजना खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की उन महिलाओं के लिए है जो ‘स्वयं सहायता समूह’ (SHG) से जुड़ी हैं. सरकार का लक्ष्य है कि इन महिलाओं की सालाना आय कम से कम 1 लाख रुपए हो. इसके तहत कृषि, हस्तशिल्प और तकनीकी क्षेत्रों में फ्री ट्रेनिंग के साथ-साथ 5 लाख रुपए तक का लोन और ब्याज में छूट दी जाती है.
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP Scheme)
‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) उन महिलाओं के लिए है, जो मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर में अपना बड़ा यूनिट लगाना चाहती हैं. मैन्युफैक्चरिंग के लिए 50 लाख रुपए और सर्विस सेक्टर के लिए 20 लाख रुपए तक का लोन लिया जा सकता है. सरकार इसमें भारी सब्सिडी देती है. ग्रामीण इलाकों में यह 35% और शहरी इलाकों में 25% तक होती है. 18 साल से ऊपर की कोई भी महिला PMEGP ई-पोर्टल पर इसका लाभ ले सकती है.
पीएम मुद्रा योजना (PMMY)
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) उन महिलाओं के लिए सबसे कारगर है, जो अपनी छोटी पूंजी से कोई नया काम शुरू करना चाहती हैं या पहले से चल रहे काम को विस्तार देना चाहती हैं. इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें बिना किसी गारंटी के 10 लाख रुपए तक का लोन मिल जाता है. महिलाएं mudra.org.in पर जाकर आसानी से इसके लिए आवेदन कर सकती हैं.
इसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- शिशु लोन 50,000 रुपए तक (नए काम के लिए).
- किशोर लोन 50,000 रुपए से 5 लाख रुपए तक.
- तरुण लोन 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक.
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