Bank of America: अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े बैंक, ‘बैंक ऑफ अमेरिका’ ने उन महिलाओं के साथ समझौता किया है जिन्होंने बैंक पर गंभीर आरोप लगाए थे. महिलाओं का दावा था कि बैंक ने जेफरी एपस्टीन द्वारा किए गए यौन शोषण और मानव तस्करी (Sex Trafficking) के अपराधों को जानते हुए भी नजरअंदाज किया और उससे मुनाफा कमाया.
7.25 करोड़ डॉलर का समझौता
शुक्रवार को आए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका इस दीवानी मुकदमे को खत्म करने के लिए 7.25 करोड़ डॉलर देने को तैयार हो गया है. बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि बैंक अब भी अपनी इस बात पर कायम है कि उसने किसी अपराध में मदद नहीं की, लेकिन पीड़ितों को न्याय दिलाने और इस मामले को पीछे छोड़ने के लिए यह समझौता किया गया है.
क्या थे आरोप ?
‘जेन डो’ (Jane Doe) नाम की एक महिला द्वारा दायर इस क्लास-एक्शन मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि बैंक ऑफ अमेरिका ने एपस्टीन से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (Transactions) को जानबूझकर नजरअंदाज किया. शिकायत के मुताबिक, बैंक के पास एपस्टीन के अपराधों के बारे में काफी जानकारी थी, लेकिन उसने पीड़ितों की सुरक्षा के बजाय अपने मुनाफे को ऊपर रखा. इन संदिग्ध लेनदेनों में अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के अरबपति सह-संस्थापक लियोन ब्लैक द्वारा एपस्टीन को किए गए भुगतान भी शामिल थे.
पीड़ितों के लिए जरूरी राहत
पीड़ितों के वकीलों का कहना है कि यह समझौता उनके क्लाइंट के लिए सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि कई महिलाएं सालों पहले हुए इस शोषण का दर्द झेल रही हैं और उन्हें अभी तुरंत वित्तीय मदद की जरूरत है. इस समझौते की राशि का लगभग 30% (करीब $2.18 करोड़) कानूनी फीस के रूप में जा सकता है. अब इस समझौते पर अंतिम मुहर लगाने के लिए गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होगी.
अन्य बैंक भी दे चुके हैं हर्जाना
बैंक ऑफ अमेरिका इकलौता बैंक नहीं है जो इस मामले में फंसा है. 2023 में इसी तरह के आरोपों के बाद जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) ने $290 मिलियन और ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) ने $75 मिलियन का हर्जाना देने पर सहमति जताई थी. जेफरी एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हो गई थी, जब वह यौन तस्करी के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहा था.
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