Bank Holidays 2026: आज ही बना लीजिए पूरे साल के बैंक जाने का प्लान, जानें 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक
Bank Holidays 2026: साल 2026 में बैंक जाने का प्लान बनाने से पहले जान लें कि पूरे साल बैंक कितने दिन बंद रहेंगे. आरबीआई के नियमों के अनुसार रविवार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस और अन्य त्योहारों पर बैंक अवकाश रहेगा. यहां पर आपको 2026 की पूरी बैंक हॉलिडे लिस्ट, महीने-वार शनिवार की छुट्टियां और राज्य-वार बैंक बंद रहने की जानकारी एक ही जगह मिलेगी, जिससे फाइनेंशियल प्लानिंग आसान हो सकेगा.
By KumarVishwat Sen | Updated at :
Bank Holidays 2026
Bank Holidays 2026: साल 2025 अब खत्म होने वाला है और साल 2026 दस्तक देने को तैयार है. साल शुरू होने से पहले ही लोग घूमने-फिरने, खाने-पीने, बचत-निवेश और फाइनेंशियल प्लान बनाना शुरू कर देते हैं. लेकिन प्लान बनाते समय अक्सर लोग बैंक में होने वाली छुट्टियों के बारे में जानना भूल जाते हैं. फाइनेंशियल प्लान बनाते तो हैं, मगर बैंक जाने का प्लान नहीं बनाते हैं. बैंक जाकर लोग पासबुक अपडेट कराते हैं, चेक जमा कराते हैं, कार लोन, पर्सनल लोन और होम लोन का फॉर्म भरते हैं, क्रेडिट और डेबिट कार्ड से संबंधित काम कराते हैं. तो आप भी अगर बैंक से संबंधित काम कराते हैं, तो आज ही पूरे साल के बैंक जाने प्लान बना लीजिए. साल 2026 में कुल 37 दिन बैंक बंद रहेंगे. आइए जानते हैं कि बैंक किन-तारीखों को बंद रहेंगे.
2026 में बैंक छुट्टियां क्यों जानना है जरूरी
बैंक में होने वाली छुट्टियों के बारे में आम आदमी को जानकारी रखना बेहद जरूरी है. इसका कारण यह है कि भारत में बैंकिंग से जुड़े कई काम जैसे चेक क्लीयरेंस, आरटीजीएस, एनईएफटी, लोन प्रोसेसिंग और ब्रांच विजिट छुट्टियों से प्रभावित होते हैं. इसलिए बैंक हॉलिडे कैलेंडर पहले से देख लेना समय और परेशानी दोनों बचाता है.
2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक
बैंक रविवार और हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं.
महीना
दूसरा शनिवार
चौथा शनिवार
जनवरी
10 जनवरी
24 जनवरी
फरवरी
14 फरवरी
28 फरवरी
मार्च
14 मार्च
28 मार्च
अप्रैल
11 अप्रैल
25 अप्रैल
मई
09 मई
23 मई
जून
13 जून
27 जून
जुलाई
11 जुलाई
25 जुलाई
अगस्त
08 अगस्त
22 अगस्त
सितंबर
12 सितंबर
26 सितंबर
अक्टूबर
10 अक्टूबर
24 अक्टूबर
नवंबर
14 नवंबर
28 नवंबर
दिसंबर
12 दिसंबर
26 दिसंबर
स्रोत: बैंक बाजार डॉट कॉम
त्योहारी और राजपत्रित छुट्टियां
इनमें से कई छुट्टियां ज्यादातर राज्यों में मनाई जाती हैं. हालांकि, स्थानीय तिथियों के आधार पर तारीखें एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं.
नए साल का दिन: 01 जनवरी (गुरुवार)
मकर संक्रांति / पोंगल: 14 जनवरी (बुधवार)
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी (रविवार)
होली: 03 मार्च (मंगलवार)
ईद-उल-फितर: 21 मार्च (शनिवार)
राम नवमी: 26 मार्च (गुरुवार)
गुड फ्राइडे: 03 अप्रैल (शुक्रवार)
बुद्ध पूर्णिमा: 01 मई (शुक्रवार)
बकरीद (ईद अल-अधा): 27 मई (बुधवार)
मुहर्रम: 26 जून (शुक्रवार)
जन्माष्टमी: 04 सितंबर (शुक्रवार)
दशहरा (विजय दशमी): 20 अक्टूबर (मंगलवार)
दिवाली: 08 नवंबर (रविवार)
गुरु नानक जयंती: 24 नवंबर (मंगलवार)
क्रिसमस दिवस: 25 दिसंबर (शुक्रवार)
गणेश चतुर्थी (महाराष्ट्र), छठ पूजा (बिहार और यूपी) और ओणम (केरल) जैसी क्षेत्रीय छुट्टियां संबंधित राज्य सरकारों द्वारा स्थानीय स्तर पर घोषित की जाती हैं.
राज्य-वार और क्षेत्रीय बैंक छुट्टियां
राष्ट्रीय छुट्टियों के अलावा, बैंक राज्य-विशिष्ट त्योहारों पर भी बंद रहते हैं.
असम में बिहू
केरल में ओणम
महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी
तमिलनाडु में पोंगल
झारखंड में सरहुल और करमा
ये छुट्टियां राज्य के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं.
बैंकों में छुट्टियां रहने की स्थिति में आप ऑनलाइन बैंकिंग कर सकते हैं या फिर मोबाइल ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन कर सकते हैं. हालांकि, बैंक में अवकाश के दौरान आपका पासबुक अपडेट नहीं हो सकता है और न ही आप चेक जमा करा सकते हैं. अपने संबंधित बैंक की एटीएम से आप नकदी की निकासी कर सकते हैं.
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.