ATM से निकालने गये थे 5 हजार रुपये, फांदेबाजों ने कार्ड बदल खाली कर दिया बैंक खाता

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि ऐसे बदमाशों से बचने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए. जैसे- एटीएम बूथ के अंदर जब कोई पैसे निकाल रहा है, तो आप अंदर ना जाएं और जब आप खुद एटीएम मशीन पर ट्रांजैक्शन कर रहे होते हैं, तो किसी को भी अंदर ना आने दें. इसके अतिरिक्त सावधानी जरूरी है.

ATM Card Fraud News : एटीएम कार्ड बदलकर पैसे ठगी करने के मामले थम नहीं रहे हैं. ताजा मामला रांची के रातू काठीटांड का है. यहां ठगों ने बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कार्ड बदलकर 25 हजार रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की है. इसे लेकर पीड़ित गुप्तेश्वर पांडेय ने रातू थाने में आवेदन दिया है.

एटीएम कियॉस्क में घुसे दो और लोग

60 वर्षीय गुप्तेश्वर पांडेय रातू के संडे मार्केट क्षेत्र में रहते हैं. पुलिस को दिये अपने आवेदन में उन्होंने लिखा है कि दिनांक 22 दिसंबर 2022 को शाम करीब सवा चार बजे (4:15 PM) वह कैनरा बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे. ठीक उसी समय दो और लोग उस एटीएम कियॉस्क में घुसे. चूंकि उस कियॉस्क में तीन एटीएम लगे हैं, ऐसे में उन्होंने इसपर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. वह बीच वाले कियॉस्क पर थे. इसके बाद बायीं तरफ की एटीएम मशीन पर खड़े शख्स ने उन्हें बातों में उलझा लिया, तभी दायीं ओर की एटीएम मशीन पर खड़े शख्स ने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया.

एटीएम कार्ड बदले जाने का आभास तक नहीं हुआ

पीड़ित ने अपने आवेदन में आगे लिखा है कि जब पैसे नहीं निकले, तो वह एटीएम कियॉस्क के साथ लगे कैनरा बैंक की ब्रांच में गये. लेकिन वहां भी उन्हें कोई समाधान नहीं मिला. आश्चर्य की बात यह है कि पीड़ित को अपने एटीएम कार्ड के बदले जाने का आभास तब तक नहीं हुआ था. क्योंकि बदला हुआ एटीएम कार्ड उनके कार्ड से हूबहू मेल खाता था.

फोन पर आये मैसेज से पता चला कार्ड हेराफेरी का

पीड़ित गुप्तेश्वर पांडेय के बेटे रितेश कश्यप ने प्रभात खबर डॅट कॉम को फोन पर बताया कि पैसे नहीं निकलने के बाद पापा तब बाजार में ही थे कि उनके घर से मां ने फोन कर बताया कि उनके फोन पर एटीएम से दो बार पैसे निकालने के मैसेज आये हैं. बता दें कि यह एटीएम कार्ड मंजू कुमारी का है, जो पीड़ित गुप्तेश्वर पांडेय की पत्नी हैं. इसपर पीड़ित ने अपने पास मौजूद कार्ड देखा, जो किन्हीं संजीव कुमार सिंह का है.

कुल 25,400 रुपये की ठगी

पुलिस को दिये आवेदन में पीड़ित ने आगे लिखा है कि उनकी पत्नी के मोबाइल पर जो मैसेज आया है, उसके अनुसार एटीएम कार्ड बदलकर ठग ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से पहले 5,000 और उसके बाद 10,000 रुपये निकाले. इसके बाद उसने काठीटांड स्थित सिटी मॉल से 10,400 रुपये की खरीदारी की. इस तरह उनके साथ कुल 25,400 रुपये की ठगी हुई है.

आप भी रहें सतर्क

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि एटीएम कार्ड बदलकर ठग रोजाना कई घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. ऐसे बदमाशों से बचने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए. जैसे- एटीएम बूथ के अंदर जब कोई पैसे निकाल रहा है, तो आप अंदर ना जाएं और जब आप खुद एटीएम मशीन पर ट्रांजैक्शन कर रहे होते हैं, तो किसी को भी अंदर ना आने दें. इसके अतिरिक्त सावधानी जरूरी है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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