Income Tax Collection: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. इस बजट में सरकार ने नौकरी-पेशा लोगों को टैक्स से छूट नहीं दिया है. लेकिन, इनकम टैक्स से वसूली करने का प्रावधान कर दिया है. सरकार ने बजट में सबसे अधिक 21% इनकम टैक्स से रेवेन्यू कलेक्शन लक्ष्य निर्धारित किया है. दूसरे नंबर पर कॉरपोरेट टैक्स आता है. इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किए जाने के बाद चर्चा यह होने लगी है कि भारत सरकार इनकम टैक्स से सबसे अधिक कमाई करती है. लेकिन, क्या ये सच है? अमेरिका, चीन, रूस और पाकिस्तान जैसे भी तो देश हैं, क्या वहां भी इनकम टैक्स से ही सरकार चलती है? आइए, जानते हैं कि अमेरिका, चीन, रूस, भारत और पाकिस्तान में से सबसे अधिक किस देश में सबसे अधिक इनकम टैक्स से वसूली की जाती है?
इनकम टैक्स से भारत की सबसे अधिक कमाई
भारत में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट टैक्स और रेवेन्यू विविधता पर केंद्रित है. कॉर्पोरेट टैक्स 18% और व्यक्तिगत इनकम टैक्स 21% तय किया गया है, जिससे औद्योगिक और व्यक्तिगत रेवेन्यू में संतुलन रहेगा. कस्टम ड्यूटी 4% और यूनियन एक्साइज ड्यूटी 6% रखी गई है, जबकि जीएसटी और अन्य अप्रत्यक्ष करों का योगदान 15% अनुमानित है. गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियां 2% और गैर-टैक्स रेवेन्यू 10% हैं. केंद्र सरकार की उधारी और देनदारियां कुल रेवेन्यू में 24% हिस्सेदारी रखेंगी. यह बजट समग्र आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता और सार्वजनिक व्यय को संतुलित करने पर केंद्रित है, जिससे निवेश और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा.
अमेरिका में 50% तक इनकम टैक्स से सरकार की कमाई
वित्त वर्ष 2026 के बजट के अनुसार, अमेरिका में संघीय टैक्स कलेक्शन का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत इनकम टैक्स (करीब 50%) और पेरोल टैक्स (करीब 33%) से आता है. कॉर्पोरेट इनकम टैक्स लगभग 9% और एक्साइज टैक्स करीब 1.8% योगदान देता है. प्रोग्रेसिव इनकम टैक्स दरें लागू हैं. एक्साइज टैक्स गैसोलीन, शराब और तंबाकू पर लगता है. एस्टेट व गिफ्ट टैक्स संपत्ति ट्रांसफर पर वसूला जाता है.
वैट से सबसे अधिक कमाई करता है रूस
रूस का 2026-2028 बजट फ्रेमवर्क टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने पर केंद्रित है. बेस वैट दर 20% से 22% बढ़ाई गई है, जिससे 20% अतिरिक्त रेवेन्यू की उम्मीद है. कॉर्पोरेट प्रॉफिट टैक्स 25% तय किया गया है, जबकि प्रोग्रेसिव पर्सनल इनकम टैक्स 13-15% रहेगा. डिजिटल फाइनेंशियल एसेट्स और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनियों पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा. सख्त कंप्लायंस और एडमिनिस्ट्रेशन उपाय लागू किए गए हैं, ताकि टैक्स बेस सुरक्षित रहे. कॉर्पोरेट टैक्स रेवेन्यू का 8% फेडरल और 17% क्षेत्रीय बजट में जाएगा. यह बजट बढ़े हुए सैन्य और प्रशासनिक खर्चों के लिए डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स संग्रह को प्राथमिकता देता है.
वैट चीन का सबसे बड़ा टैक्स
चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, चीन का बजट एक मजबूत टैक्स सिस्टम पर टिका है। 2021 से 2025 के बीच 156 ट्रिलियन युआन (1,794 लाख करोड़ रुपये) से अधिक टैक्स कलेक्शन हुआ. यह उसके कुल वित्तीय राजस्व का लगभग 80% है. सिस्टम 18 तरह के टैक्स पर आधारित है. इन पांच सालों में देखा जाए, तो एक साल में उसने करीब 31.2 ट्रिलियन युआन यानी 358.8 लाख करोड़ रुपये टैक्स से वसूली की. वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) चीन का सबसे बड़ा टैक्स है, जबकि कंजम्पशन टैक्स लग्जरी और प्रदूषण वाले उत्पादों पर लगाया जाता है. कॉर्पोरेट इनकम टैक्स की स्टैंडर्ड दर 25% है. 2026 से नए वैट नियम लागू हुए हैं, जिनमें इनपुट डिडक्शन, डिजिटल इनवॉइसिंग और सख्त कंप्लायंस पर ज़ोर दिया गया है. चीन टैक्स-शेयरिंग सिस्टम के ज़रिए केंद्र और स्थानीय सरकारों के बीच राजस्व बांटता है.
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कॉरपोरेट टैक्स से सबसे अधिक कमाता है पाकिस्तान
पाकिस्तान की ओर से 11 जून 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए फेडरल बजट में टैक्स कलेक्शन फोकस किया गया है. फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) के लिए 14.1 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये का रिकॉर्ड लक्ष्य तय किया गया है, जिससे टैक्स-टू-जीडीपी रेश्यो 14% तक ले जाने की योजना है. सर्विसेज पर विदहोल्डिंग टैक्स 11% से बढ़ाकर 15% किया गया है. पाकिस्तान में सर्विसेज पर विदहोल्डिंग टैक्स मुख्य रूप से इनकम टैक्स ऑर्डिनेंस की धारा 153 के तहत लागू होता है. डिजिटल ट्रांजैक्शन पर 1% और कैश ऑन डिलीवरी पर 2% फाइनल टैक्स लगाया गया है. कॉर्पोरेट टैक्स 29% पर बरकरार है, जबकि पेंशन इनकम को टैक्स दायरे में लाया गया है. नॉन-एनटीएन पर सख्ती से टैक्स अनुपालन बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है.
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