अदाणी ग्रुप की 9 कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी, अदाणी ग्रीन में 21% से अधिक की उछाल

Adani Shares: शेयर बाजार के कारोबार के दौरान शुक्रवार को बीएसई पर अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर 21.72% उछला. इसके अलावा, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, अंबुजा सीमेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, एसीसी, अदाणी टोटल गैस, अदाणी एंटरप्राइजेज, एनडीटीवी और अदाणी विल्मर के स्टॉक्स भी चढ़े.

Adani Shares: अमेरिकी आरोपी के बावजूद बेफिक्री में शुक्रवार 29 नवंबर 2024 को शेयर बाजार में लिस्टेड अदाणी ग्रुप की 11 कंपनियों में से 9 के स्टॉक्स में तेजी आ गई. सबसे बड़ी बात यह है कि अदाणी ग्रीन एनर्जी का स्टॉक 21% से अधिक उछल गया. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर 21.72%, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का 15.56%, अंबुजा सीमेंट्स का 3.73%, अदाणी पोर्ट्स का 1.94%, एसीसी का 1.59%, अदाणी टोटल गैस का 1.03%, अदाणी एंटरप्राइजेज का 1.02%, एनडीटीवी का 0.60% और अदाणी विल्मर का स्टॉक 0.05% चढ़ा. हालांकि, अदाणी पावर के स्टॉक्स में 1.01% और सांघी इंडस्ट्रीज के स्टॉक्स में 0.45% की गिरावट आई.

अदाणी ग्रुप को मिल रहा चौतरफा समर्थन

इससे पहले अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) ने अदाणी ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन गौतम अदाणी पर अमेरिका में आरोप लगाए जाने के बावजूद अदाणी ग्रुप में निवेश को लेकर उसका नजरिया न बदलने का भरोसा जताया. श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण और तंजानिया सरकार ने भी अदाणी ग्रुप को पूरा समर्थन देने की बात कही है. अदाणी ग्रुप का कहना है कि उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में अमेरिका के फॉरेन करप्ट प्रैक्टिस एक्ट (एफसीपीए) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगाया गया है, बल्कि उन पर सिक्योरिटी धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाया गया है. इसमें आर्थिक दंड लगाया जा सकता है.

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अमेरिकी आरोपों के खिलाफ कानून का सहारा लेगा अदाणी ग्रुप

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) पर आरोप है कि सोलर एनर्जी सेल का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारत के सरकारी अधिकारियों को 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी गई. इससे कंपनी को 20 साल के दौरान करीब 2 अरब अमेरिकी डॉलर का फायदा हो सकता था. कंपनी के अनुसार, एजीईएल के तीन अधिकारियों पर केवल सिक्योरिटी धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और सिक्योरिटी धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है. आम तौर पर ऐसे आरोपों के लिए दंड रिश्वतखोरी की तुलना में कम गंभीर होते हैं. अदाणी ग्रुप ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए हर संभव कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है.

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By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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