8th Pay Commission को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही पेंशन से जुड़ी खबरों ने कई केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स की चिंता बढ़ा दी थी. मैसेज में दावा किया जा रहा था कि कुछ कैटेगरी के रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बंद की जा सकती है या उन्हें पेंशन रिविजन का फायदा नहीं मिलेगा. अब नेशनल काउंसिल (जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के स्टाफ साइड के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है.
शनिवार, 29 अगस्त को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो मैसेज में मिश्रा ने कहा कि पेंशन बंद होने या कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन रिविजन से बाहर रखने की बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं. उन्होंने पेंशनर्स से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे मैसेज पर भरोसा न करने की अपील की.
आखिर वायरल मैसेज में क्या दावा किया गया था?
शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक, कई पेंशनर्स ने उनसे सीधे संपर्क किया था. इसकी वजह उनके नाम से फैलाए जा रहे ऐसे मैसेज थे, जिनमें पेंशन को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे.
इनमें कहा जा रहा था कि:
- कुछ केंद्रीय सरकारी रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बंद हो जाएगी.
- कुछ पेंशनर्स को पेंशन रिविजन का फायदा नहीं मिलेगा.
- सिर्फ 2026 के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पेंशन और उसका रिविजन मिलेगा.
मिश्रा ने साफ कहा कि इन दावों को सही नहीं माना जाना चाहिए.
शिव गोपाल मिश्रा ने क्या कहा?
मिश्रा ने बताया कि पेंशन का मुद्दा फिलहाल पे कमीशन में चर्चा के स्तर पर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले रिटायर हुए पेंशनर्स हों या बाद में रिटायर होने वाले, सभी को पेंशन मिलती रहेगी और इसमें लगातार सुधार होगा. उन्होंने यह भी कहा कि गलत खबरें फैलाने वाले चैनलों को रोकना उनके हाथ में नहीं है. ऐसे में पेंशनर्स को सलाह दी गई है कि वे केवल यूनियन के आधिकारिक हैंडल से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें.
8th Pay Commission में पेंशन को लेकर क्या मांग है?
8th सेंट्रल पे कमीशन की टर्म्स ऑफ रेफरेंस को अक्टूबर 2025 में यूनियन कैबिनेट ने मंजूरी दी थी. आयोग की अध्यक्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई हैं और उसे अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर देने की उम्मीद है.
पेंशन से जुड़े मुद्दे पर NC-JCM स्टाफ साइड पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन दे चुका है. नवंबर 2025 में यूनियन ने मांग की थी कि मौजूदा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को पेंशन रिविजन के दायरे में साफ तौर पर शामिल किया जाए.
