7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों पर 31 मार्च को बरसेगा पैसा, एक साथ मिलेगी दो खुशखबरी

7th Pay Commission: केंद्र सरकार के द्वारा हाल ही में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की वृद्धि की थी. इसके बाद, राज्य सरकारों ने भी कर्मचारियों के भत्ता बढ़ा दिया था. इस महीने कर्मचारियों को दो महीने के एरियर के साथ महंगाई भत्ता और HRA मिलने वाला है. आइये जानते है डिटेल

7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए 31 मार्च को बड़ी खुशी का दिन होने वाला है. कर्मचारियों की सैलरी और सेवानिवृत लोगों के पेंशन के उन्हें बढ़ा हुआ डीए और एचआरए मिलने वाला है. केंद्र के साथ राज्य सरकारों के द्वारा कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में चार प्रतिशत का इजाफा किया गया था. इसके बाद, अब कर्मचारियों और पेंशनर्स का कुल महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो गया है. बता दें कि इस रविवार यानी 31 मार्च को बैंक खुले रहेंगे. इस दिन मार्च क्लोजिंग का काम होगा हालांकि, आमलोगों के लिए बैंक बंद रहेंगे. ऐसे में समझा जा रहा है कि कर्मचारियों का पैसा 30 या 31 मार्च को आ जाएगा. इस महीने कर्मचारियों को सैलरी के साथ दो महीने बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एरियर के रुप में मिलेगा.

कितना बढ़ेगी सैलरी

केंद्र सरकार के द्वारा महंगाई भत्ता में चार प्रतिशत का इजाफा किया है. इससे सैलरी में होने वाले इजाफा को जोड़ना काफी आसान है. इसे ऐसे समझें, अगर कर्मचारी का बेसिक पे 18,000 रुपये है तो वर्तमान महंगाई भत्ता 46 प्रतिशत के हिसाब से 8280 रुपये मिलेगा. मगर, महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो जाने के बाद सैलरी में कुल डीए नौ हजार रुपये आएगा. इसका अर्थ है कि हर महीने 720 रुपये बढ़ेगा. वहीं, अधिकतम बेसिक पे 56,900 रुपये पर वर्तमान में 26,174 में रुपये डीए मिलता है. महंगाई भत्ता 50 प्रतिसत होने के बाद, डीए 28,450 रुपये मिलेगा. इसका अर्थ है कि सैलरी में हर महीने 2276 रुपये बढ़कर आएगा.

Also Read: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स के कई नियम, आईटीआर फाइल करने से पहले जान लें क्या हो रहा बदलाव

कितना बढ़ेगा HRA?

कर्मचारियों को महंगाई भत्ता के साथ हाउस रेंट अलाउंस बढ़ने का भी लाभ मिलेगा. अब X श्रेणी में 30 प्रतिशत, Y श्रेणी में 20 प्रतिशत और Z श्रेणी में 10 प्रतिशत का लाभ देगी. HRA की गणना करने का एक फार्मूला है. वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को शहर के कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट दिया जाता है. सरकार ने शहरों/कस्बों को X,Y & Z की श्रेणी में बांट दिया है. पहले सरकार X श्रेणी में 27 प्रतिशत, Y श्रेणी में 18 प्रतिशत और Z श्रेणी में 9 प्रतिशत हाउस रेंट अलाउंस देती थी. ये हाउस रेंट अलाउंस कर्मचारी के बेसिक सैलरी के हिसाब से दिया जाता है. हालांकि, अब कर्मचारी संघों का अनुमान है कि सरकार अगले हाउस रेंट अलाउंस रिविजन में न्यूनतम रेंट अलाउंस को दस प्रतिशत कर सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >