S&P ने निगेटिव किया चीन का रेटिंग, मंदी का खतरा मंडराया
नयी दिल्ली : ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने चीन का रेटिंग आउटलुक स्टेबल से घटाकर निगेटिव कर दिया है. चीन के आउटलुक निगेटिव होने के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार में तेज गिरावट हुई है. इस बीच चीन में मंदी का खतरा मंडराने लगा है. S&P ने कहा कि चीन का सलाना इकोनॉमिक […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स ने चीन का रेटिंग आउटलुक स्टेबल से घटाकर निगेटिव कर दिया है. चीन के आउटलुक निगेटिव होने के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार में तेज गिरावट हुई है. इस बीच चीन में मंदी का खतरा मंडराने लगा है. S&P ने कहा कि चीन का सलाना इकोनॉमिक ग्रोथ 6 फीसदी रहेगा. एस एंड पी ने हालांकि चीन की AA रेटिंग बरकरार रखी है. स्टैंडर्ड और पुअर ने कहा कि चीन का फायनेंसियल रिस्क बढ़ रहा है. इसके पहले मूडीज ने भी चीन की रेटिंग घटा दिया.
स्लोडाउन का क्या पड़ सकता है चीन पर असर
रेटिंग एजेंसी के निगेटिव रेटिंग से चीन के अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है. निगेटिव रेटिंग से क्रूड मार्केट में भी निराशा छा गयी. क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट हो सकती है.ज्ञात हो कि क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा खरीददार देश चीन है.
भारत पर क्या पड़ सकता है असर
चीन के निगेटिव आउटलुक का भारत पर मिला-जुला असर पड़ सकता है. भारत का निर्यात गिर सकता है. वहीं चीन जानेवाले विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों में आ सकते हैं. ऐसे में भारत को इस समय विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना चाहिए.