बदल गए टैक्स नियम, 1 अप्रैल 2026 से होंगे लागू !

New Tax Rule: नया कानून पुराने Income Tax Act 1961 की जगह लेगा, जो पिछले 60 सालों से लागू था और काफी जटिल माना जाता था.

New Tax Rule: सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes ) ने नए आयकर नियमों को अधिसूचित कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान और समझने योग्य बनाना है. नया कानून पुराने Income Tax Act 1961 की जगह लेगा, जो पिछले 60 सालों से लागू था और काफी जटिल माना जाता था.

नए कानून में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जबकि अध्याय 47 से घटाकर 23 कर दिए गए हैं. इसके अलावा, पूरे कानून में इस्तेमाल किए गए शब्दों को भी काफी कम किया गया है, ताकि आम लोगों को इसे समझने में आसानी हो. पहली बार इसमें 39 टेबल और 40 फॉर्मूले भी जोड़े गए हैं, जिससे टैक्स कैलकुलेशन और स्पष्ट हो सके.

HRA में राहत, लेकिन नियम हुए सख्त

नए नियमों के तहत नौकरीपेशा लोगों को मकान किराया भत्ता (HRA) पर मिलने वाली छूट जारी रहेगी. मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में रहने वाले लोग अपने वेतन का 50% तक HRA छूट के रूप में क्लेम कर सकते हैं. वहीं, बाकी शहरों के लिए यह सीमा 40% ही रहेगी.

हालांकि, अब इस छूट को लेने के लिए कुछ सख्त नियम भी लागू किए गए हैं. टैक्सपेयर्स को अब मकान मालिक और किरायेदार के संबंध की पूरी जानकारी देनी होगी. यानी सिर्फ किराया दिखाकर छूट लेने का दौर अब खत्म होने जा रहा है. इससे फर्जी क्लेम पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा.

शेयर, विदेशी आय और ऑडिट पर कड़ी निगरानी

नए आयकर नियमों में शेयर बाजार, कैपिटल गेन और विदेशी आय से जुड़े मामलों पर सख्ती बढ़ाई गई है. सरकार ने 150 से ज्यादा नए फॉर्म पेश किए हैं, जिससे जानकारी देना आसान तो होगा, लेकिन छिपाना मुश्किल. इसके अलावा, ऑडिटर्स और कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है.

अगर कहीं गलत जानकारी दी जाती है या PAN से जुड़ी कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसकी जांच सख्ती से की जाएगी. विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट लेने के मामलों में भी अब ज्यादा सतर्कता बरती जाएगी. कुल मिलाकर, सरकार ने एक तरफ टैक्स कानून को आसान बनाया है, तो दूसरी तरफ पारदर्शिता और सख्ती भी बढ़ाई है, ताकि टैक्स चोरी पर लगाम लगाई जा सके.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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