Indian Stock Market 11 May 2026: हफ्ते के पहले दिन सोमवार, 11 मई को भारतीय शेयर बाजार खुलते ही सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं निफ्टी भी फिसलकर 23,864 के स्तर पर आ गया. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव है. ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताकर ठुकरा दिया है, जिससे युद्ध गहराने की आशंका बढ़ गई है.
क्या कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें डाल रही हैं दबाव?
पश्चिम एशिया में जारी इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल पर पड़ा है. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल इंपोर्ट करता है, इसलिए तेल महंगा होने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है. एक्स्पर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि तेल कंपनियों को भारी घाटा हो रहा है.
पीएम मोदी की अपील से ज्वेलरी शेयरों में क्यों मची खलबली?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की है कि वे कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचें और विदेशों में शादी करने या घूमने के बजाय डोमेस्टिक टूरिज्म को बढ़ावा दें. इसका मकसद विदेशी मुद्रा बचाना है. इस अपील के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई. टाइटन (Titan) का शेयर 6% तक गिर गया, जबकि कल्याण ज्वेलर्स और सेनको गोल्ड जैसे बड़े नामों में भी 7% से 9% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
इन्वेस्टर्स के लिए अब आगे क्या है?
बाजार में आज चौतरफा बिकवाली है. बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के बड़े शेयर जैसे HDFC बैंक, SBI और रिलायंस इंडस्ट्रीज दबाव में हैं. हालांकि, टाटा कंज्यूमर और सन फार्मा जैसे कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखी गई. जानकारों का कहना है कि जब तक ग्लोबल हालात स्थिर नहीं होते, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. इन्वेस्टर्स को फिलहाल सतर्क रहने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाली स्वदेशी कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है.
