क्या आप फैक्ट्री खोलना चाहते हैं? तो इस योजना में सरकार करेगी आपकी मदद, जानें पूरी डिटेल

BHAVYA Scheme: मोदी सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये की 'भव्य' योजना को मंजूरी देकर फैक्ट्री लगाना आसान बना दिया है. अब 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल के तहत उद्यमियों को जमीन और सरकारी मंजूरियों के लिए भटकना नहीं होगा. बस मशीनें लगाइए और कुछ ही हफ्तों में उत्पादन शुरू कीजिए.

BHAVYA Scheme: भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने एक कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये की भव्य (BHAVYA) योजना को हरी झंडी दे दी है. इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उद्यमियों को जमीन खरीदने या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी. सरकार आपको बना-बनाया ढांचा देगी, जहां आप बस अपनी मशीनें लगाकर काम शुरू कर सकते हैं.

क्या है भव्य (BHAVYA) योजना और इसका लक्ष्य?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने भारत औद्योगिक विकास योजना को मंजूरी दी है. इसका मुख्य उद्देश्य देश में औद्योगिक विकास की रफ्तार को तेज करना है.

  • इस योजना के तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे.
  • ये पार्क 100 एकड़ से लेकर 1,000 एकड़ तक के बड़े क्षेत्र में फैले होंगे.
  • यह कदम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा.

इस योजना में क्या है प्लग एंड प्ले मॉडल

अक्सर देखा जाता है कि फैक्ट्री लगाने में जमीन की खरीद और सरकारी मंजूरियों में 2-3 साल बर्बाद हो जाते हैं. प्लग एंड प्ले मॉडल इसी समस्या का समाधान है.

  • सरकार आपको बिजली, पानी, सड़क और पहले से स्वीकृत जमीन देगी.
  • पर्यावरण और अन्य वैधानिक मंजूरियां सरकार पहले ही लेकर रखेगी.
  • जो काम सालों में होता था, वह अब कुछ ही हफ्तों में शुरू हो सकेगा.

स्मार्ट इंडस्ट्रियल शहरों का विस्तार

यह योजना नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NICDP) का हिस्सा है. इसके जरिए सरकार भारत के औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता को छोटे शहरों और कस्बों तक ले जाना चाहती है. इससे न केवल विदेशी निवेश (FDI) बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्टार्टअप्स को भी ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने की ताकत मिलेगी.

व्यापारियों को मिलने वाले 5 बड़े फायदे

  • बुनियादी ढांचे पर खर्च सरकार करेगी, जिससे निवेशकों की शुरुआती पूंजी बचेगी.
  • हर पार्क में टेस्टिंग लैब, लॉजिस्टिक सेंटर और वेयरहाउस जैसी कॉमन सुविधाएं मिलेंगी.
  • कागजी कार्रवाई पूरी होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
  • व्यापार करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा.
  • 100 नए पार्क बनने से लाखों युवाओं को नौकरियों के नए मौके मिलेंगे.

Also Read: करोड़ों किसानों के खाते में आई 22वीं किस्त, इन 3 सरकारी स्कीमों से भी उठा सकते हैं फायदा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >