नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत ग्यारह साल पहले के पुराने स्तर पर आ गया है. बावजूद इसके आम आदमी को थोड़ा सा ही फायदा मिलता दिख रहा है. सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 30 पैसे प्रति लीटरजबकि डीजल पर 1.17रुपये प्रति लीटर बढ़ादिया है.जिससे 2,500 करोड़रुपये जुटाए जा सकें. यही वजह है कि पिछले एक पखवाड़े में क्रूड कीमतों में 12 फीसद तक की कमी के बावजूद पेट्रोल के दाम में महज 50 पैसे और डीजल में 46 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गयी है.
पेट्रोलवडीजल की नयी कीमत मंगलवार की आधी रात सेलागूहो गयी है. जानकारी के मुताबिक पेट्राेलियम पदार्थों के उत्पादन लागत में 90 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल का ही होता है. एक बैरल कच्चे तेल से कईतरहके प्रोडक्ट तैयार होते हैऔर प्रोडक्ट की कीमतेंअंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग और स्पलाई,मुद्राविनिमय दर और करों पर निर्भरकरती हैं.
गौर हो कि सरकार ने इससे पहले 7 नवंबर को उत्पाद शुल्क में 1.60 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 40 पैसे प्रति लीटर वृद्धि की थी. सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2015 की अवधि में चार बार उत्पाद शुल्क वृद्धि से 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया.
