मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आज कहा कि बैंकों द्वारा आधार दर में और कटौती तभी संभव होगी जब ऋण के उठाव में तेजी आए जिसके चौथी तिमाही में की संभावना बनती है.
एसबीआई की चेयरपर्सन अरंधति भट्टाचार्य ने कहा कि यद्यपि वाणिज्यिक परिपत्रों में दरें कम हैं, बैंक ऋण का उठाव बढने पर ही ब्याज दरें घटा सकते हैं.आज शाम यहां बैंक की 60वीं सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ यदि हम वाणिज्यिक पत्र बाजार के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धा करने जा रहे हैं तो हमें आधार दर एक प्रतिशत से अधिक घटानी होंगी जो ऋण उठाव की गति को देखते हुए संभव नहीं दिखता.’’
