India-US Trade Agreement: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर आ रही है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिए हैं कि भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट इसी साल अप्रैल से प्रभावी हो सकता है. यह समझौता न केवल दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि भविष्य के व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा.
अप्रैल में खुलेगी विदेशी बाजारों की राह
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूनाइटेड किंगडम (UK) और ओमान के साथ भी अप्रैल में अपने व्यापार समझौतों को लागू करने की तैयारी में है. इसके अलावा, न्यूज़ीलैंड के साथ हुआ समझौता सितंबर तक धरातल पर आने की उम्मीद है. ये सभी डील वैश्विक बाजार में भारत की पकड़ को और मजबूत बनाएंगी.
अमेरिका में 23 फरवरी से फाइनल राउंड की मीटिंग
इस समझौते को कानूनी जामा पहनाने के लिए भारत और अमेरिका के आला अधिकारी 23 फरवरी से तीन दिनों तक अमेरिका में गहन चर्चा करेंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व में तय की गई व्यापारिक रूपरेखा को एक औपचारिक दस्तावेज का रूप देना है. इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने साझा बयान जारी कर एग्रीमेंट के मुख्य बिंदुओं पर अपनी सहमति जता दी थी.
अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए खुलेंगे भारत के दरवाजे
इसके बदले में भारत अमेरिका से आने वाले कई कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर इम्पोर्ट ड्यूटी को कम या खत्म करेगा. इसमें सूखे मेवे, ताजे फल, सोयाबीन तेल, सॉरघम (लाल ज्वार) और प्रीमियम वाइन-स्पिरिट्स जैसे सामान शामिल हैं. इससे अमेरिकी कारोबारियों को भारतीय बाजार में बेहतर एक्सेस मिलेगा.
भारतीय किसानों और MSME के लिए गोल्डन चांस
पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारत के किसानों, मछुआरों और लघु उद्योगों (MSME) को मिलेगा. भारतीय उत्पादों के लिए अब अमेरिका की 30 ट्रिलियन डॉलर वाली विशाल अर्थव्यवस्था का दरवाजा खुल जाएगा. जैसे ही इस समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, शुल्क कटौती की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी, जिससे भारतीय निर्यात में तेजी आएगी.
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