प्रसंस्करण उद्योग के लिये ऋण बैंकों के प्राथमिक सूची में शामिल

गंगटोक : खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि प्रसंस्करण क्षेत्र को गति देने के प्रयास के तहत भारतीय रिजर्व बैंक ने कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों और शीत श्रृंखला को दिये जाने वाले ऋण को बैंकों के प्राथमिकता क्षेत्र वाले ऋण की श्रेणी में शामिल करने का निर्णय किया है. बैंकों के […]

गंगटोक : खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि प्रसंस्करण क्षेत्र को गति देने के प्रयास के तहत भारतीय रिजर्व बैंक ने कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों और शीत श्रृंखला को दिये जाने वाले ऋण को बैंकों के प्राथमिकता क्षेत्र वाले ऋण की श्रेणी में शामिल करने का निर्णय किया है. बैंकों के प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण पर ब्याज कम है.

बादल ने एक बयान में कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक ने खाद्य एवं कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों एवं शीत श्रृंखला को दिये जाने वाले ऋण को कृषि कार्य से जुडे प्राथमिक क्षेत्र को दिये जाने वाले कर्ज की परिभाषा में रखा है. इसमें एक कर्जदार को अधिकतम 100 करोड रुपये के कर्ज की सीमा रखी गयी है.’

मंत्री ने कहा कि यह उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना करने के लिए अधिक ऋण प्रवाह को सुनिश्चित करेगा और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेगा. राष्ट्रीय शीत श्रृंखला सम्मेलन के मौके पर बोलते हुए हरसिमरत ने कहा कि भारत दूध, फल एवं सब्जियों, समुद्री उत्पादों, मांस एवं पॉल्टरी का विशालतम उत्पादक देश है और देश में बर्बादी को रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में शीत श्रृंखला क्षमता को निर्मित करने की सख्त आवश्यकता है.

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