नयी दिल्ली : स्वेदशी सीप्लेन के विनिर्माण को बढावा देने के इरादे से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज संयुक्त उद्यम का विचार दिया जिसमें वैश्विक कंपनियां बहुलांश हिस्सेदारी रख सकती हैं.
सीप्लेन ऐसे विमान होते हैं जो पानी पर उतर सकते हैं और वहां से उड़ान भर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आमंत्रित कर सीप्लेन का विनिर्माण शुरु करते हैं तो हम पूंजी लागत को नीचे ला सकते हैं. गडकरी ने कहा कि अगर वैश्विक कंपनियों को 51 प्रतिशत हिस्सेदारी की अनुमति दी जाती है और शेष 49 प्रतिशत सरकार के पास रहती है तो यह लाभदायक साबित हो सकता है.
सरकार सीप्लेन परिचालन को सुगम बनाने के लिये ‘वाटरपोर्ट अथोरिटी आफ इंडिया’ की भी योजना बना रही है.
