धनतेरस पर कहीं आप बन तो नहीं रहे बेवकूफ! चांदी के पुराने सिक्कों के नाम पर बेचे जा रहे नये सिक्के

पटना : आज धनतेरस है. इस मौके पर लोग चांदी के सिक्कों की जमकर खरीदारी करते हैं. धनतेरस के दिन सोना-चांदी की खरीदारी करना काफी शुभ माना माना जाता है. पर इन दिनों धनतेरस पर नकली चांदी के सिक्कों से बाजार पट चुके हैं. कारोबारी धनतेरस और दीपावली पर अधिक मुनाफा कमाने के लिए दुकान […]

पटना : आज धनतेरस है. इस मौके पर लोग चांदी के सिक्कों की जमकर खरीदारी करते हैं. धनतेरस के दिन सोना-चांदी की खरीदारी करना काफी शुभ माना माना जाता है. पर इन दिनों धनतेरस पर नकली चांदी के सिक्कों से बाजार पट चुके हैं. कारोबारी धनतेरस और दीपावली पर अधिक मुनाफा कमाने के लिए दुकान सजा चुके हैं. ऐसे में आम लोगों के लिए असली और नकली सिक्‍कों में भेद करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है. यदि आप भी पुराने चांदी के सिक्के खरीदने वाले हैं तो जांच-पड़ताल क�� ही खरीदारी करें. क्योंकि साढ़े छह दशक पहले भारत से विदा होते समय अंग्रेजों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके उनके शासनकाल में प्रचलित सिक्के इक्कीसवीं सदी में यहां के लोगों को थोक के भाव में उपलब्ध होते रहेंगे. पेश है सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट.

पुराने सिक्कों के नाम पर होती है ठगी
धनतेरस के अवसर पर बाजार में चांदी के पुराने सिक्के की ही डिमांड होती है. क्योंकि लोग इस शुभ कार्य के लिए अधिक से अधिक सोना-चांदी खरीदने पर जोर देते है. ऐसे में बाजार में इन दिनों जहां क्वीन विक्टोरिया के पुराने सिक्के खनखना रहे हैं. वहीं सिक्कों में होने वाले मुनाफा के चलते सिक्कों में धोखाधड़ी भी जोरों पर हो रही है. पुराने सिक्कों के नाम पर बाजार में नये सिक्के बेचे जा रहे हैं. ऐसे में चांदी के पुराने सिक्के खरीदने वाले जांचकर और विश्वसनीय ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें.
हूबहू नकली ढाल रहे सिक्के
व्यवसायियों का कहना है कि अंग्रेजी हुकूमत के दौरान प्रचलन में रहे सिक्के इतने नहीं हैं कि बाजार की जरूरतों को पूरा किया जा सके. जिनके पास पुराने सिक्के हैं भी वह इसे बेचने के बजाय निवेश के रूप में सहेज के रखते हैं. ऐसे में चांदी के पुराने सिक्के में अंकित जार्ज एडवर्ड व विक्टोरिया अब कई जगह नये सिरे से डुप्लीकेट ढलने भी शुरू हो गये हैं. देखने में एकदम पुराने और 1600 -1800 ई. के इन सिक्कों को हाल ही बनाया गया है तथा इन्हें रसायन लगाकर पुराना किया जाता है. कभी-कभी तो ज्वेलर्स भी इस धोखे को समझ नहीं पाते हैं. ग्राहक पुराने सिक्के की मांग करता है, जिस पर विलियम, विक्टोरिया या फिर किसी अन्य राजा या अंग्रेज गवर्नर की फोटो बनी हो. ग्राहकों की इसी मंशा का लाभ व्यापारी उठा रहे हैं. हो कि बीते कुछ वर्षों में जिस पर सोने व चांदी को लोगों ने निवेश का एक माध्यम बना लिया है, उससे हजारों की संख्या में सिक्के लोगों के घरों व बैंक के लॉकर में बंद हो गये हैं.

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