नयी दिल्ली : बैंकों में पैसा जमा कराना या निकालना हो या फिर किसी को चेक बुक ही जारी करवाना हो, इसके लिए घंटों लाइन में लग कर इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अब बैंकों में आपका काम घंटों के बजाय मिनटों में फटाफट होगा. इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश के बैंकों के लिए सिटिजन चार्टर लागू कर दिया है.
इसके तहत बैंकों को ग्राहकों काम 15 मिनटों के भीतर करने का निर्देश दिया है. यदि कोई चेक बुक मांगता है, तो उसे 20 मिनट के भीतर इसे देना होगा. अब तक इसमें कई दिन तक लग जाते थे. आम जनता को जल्दी से बैंकिंग सेवा देने संबंधी इस चार्टर के साथ केंद्रीय बैंक ने अपने नियमन संबंधी कार्यों को भी एक समयसीमा के भीतर करने का फैसला किया है.
रिजर्व बैंक ने नियमन से जुड़े अपने सभी विभागों के लिए तय समयसीमा के भीतर काम करने का निर्देश भी जारी किया है. नये निजी बैंकों के लाइसेंस के आवेदन पर 90 दिनों के अंदर फैसला करना होगा. ग्रामीण क्षेत्र में स्थित बैंक शाखा को बंद करने या कहीं और स्थानांतरित करने का फैसला 15 दिनों में ही करना होगा. इस तरह के नियमन से जुडे़ अन्य सभी विभागों के लिए समयसीमा तय कर दी गयी है.
ये कदम आरबीआइ ने वित्तीय क्षेत्र में कानूनी सुधार आयोग (एफएसएलआरसी) की रिपोर्ट के आधार पर उठाये हैं. एफएसएलआरसी ने वित्तीय क्षेत्र के सभी नियामकों को निश्चित समयसीमा के अंदर अपना काम करने का सुझाव दिया था और कहा था कि वित्तीय सेवाओं के लिए भी समयसीमा तय होनी चाहिए.
रिजर्व बैंक के इस चार्टर के मुताबिक, एक घंटे के भीतर बैंकों को डिमांड ड्राफ्ट बना कर देना होगा. विदेशी मुद्रा में बैंक खाता खोलने के आवेदन पर 60 दिनों के अंदर फैसला करना होगा. इसी प्रकार विदेश में बीमा पॉलिसी खरीदने के आवेदन पर सात दिनों में ही निर्णय करना होगा.
