अनंत अंबानी का दान: केरल के मंदिरों और हाथियों के लिए ₹18 करोड़ की घोषणा

Anant Ambani Donation: अनंत अंबानी ने राजराजेश्वरम और गुरुवयूर मंदिरों को ₹3-3 करोड़ (कुल ₹6 करोड़) का दान दिया है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजराजेश्वरम मंदिर के 200 साल पुराने पूर्वी गोपुरम के पुनरुद्धार के लिए ₹12 करोड़ की कॉमेटमेंट की है. साथ ही, 'वंतारा' (Vantara) पहल के जरिए गुरुवयूर में हाथियों के लिए एक आधुनिक अस्पताल और 'चेन-फ्री' शेल्टर बनाने की योजना भी साझा की है.

Anant Ambani Donation: रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने केरल की अपनी यात्रा के दौरान राज्य के दो सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों राजराजेश्वरम और गुरुवयूर के लिए कुल 18 करोड़ रुपये के योगदान की घोषणा की है. इस दान राशि में ₹6 करोड़ का सीधा दान दोनों मंदिरों के ट्रस्ट को और ₹12 करोड़ की विशेष प्रतिबद्धता राजराजेश्वरम मंदिर के ऐतिहासिक ढांचे के जीर्णोद्धार के लिए शामिल है. इसके साथ ही, उन्होंने मंदिर की परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रहे हाथियों की वैज्ञानिक देखभाल और कल्याण के लिए भी नई पहल शुरू करने का संकल्प लिया है.

राजराजेश्वरम मंदिर: ऐतिहासिक विरासत को नया जीवन

2 अप्रैल की रात करीब 8 बजे तालिपरामबा स्थित ऐतिहासिक राजराजेश्वरम मंदिर में दर्शन के दौरान अनंत अंबानी ने ‘पोन्नमकूडम’ और ‘अश्वमेध नमस्कारम’ जैसी पारंपरिक पूजा अर्चना की. उन्होंने चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों के लिए ₹3 करोड़ का चेक मंदिर अधिकारियों को सौंपा. इसके अलावा, उन्होंने मंदिर के प्राचीन ‘पूर्वी गोपुरम’ (East Gopuram) के व्यापक जीर्णोद्धार के लिए ₹12 करोड़ देने का वादा किया है. यह संरचना पिछले दो शताब्दियों से जर्जर अवस्था में थी, जिसका पुनरुद्धार श्रद्धालुओं और मंदिर अधिकारियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. इस फंड का उपयोग पार्किंग और अन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाएगा.

गुरुवयूर मंदिर: भगवान और ‘गजराज’ की सेवा

उसी दिन शाम करीब 5 बजे अनंत अंबानी ने गुरुवयूर मंदिर में भगवान गुरुवयूरप्पन के दर्शन किए और मंदिर ट्रस्ट को ₹3 करोड़ की राशि भेंट की. मंदिर अधिकारियों ने पारंपरिक सम्मान और प्रसादम के साथ उनका स्वागत किया. अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने न केवल धार्मिक आस्था व्यक्त की, बल्कि मंदिर के प्रबंधन और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए.

हाथियों के लिए ‘वंतारा’ मॉडल

पशु कल्याण के प्रति अपने गहरे लगाव और अपनी पहल ‘वंतारा’ (Vantara) के माध्यम से, अनंत अंबानी ने गुरुवयूर में मंदिर के हाथियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने की इच्छा जताई है. उनकी इस योजना में हाथियों के लिए एक समर्पित अस्पताल बनाना, उन्हें जंजीरों से मुक्त (Chain-free) रखने के लिए सुरक्षित शेल्टर का निर्माण और आधुनिक बुनियादी ढांचा शामिल है. इसका उद्देश्य मंदिर की परंपराओं से जुड़े इन हाथियों को मानवीय, गरिमामय और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल प्रदान करना है.

अनंत अंबानी का संदेश

इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अनंत अंबानी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराएं केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि विश्वास, समुदाय और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध को दर्शाने वाली जीवित संस्थाएं हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पवित्र विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित और मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने आगे कहा कि वंतारा और इन पहलों के माध्यम से उनका लक्ष्य विनम्रता के साथ सेवा करना है, ताकि भक्तों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ हमारी परंपराओं का हिस्सा रहे जानवरों को पूरी करुणा और सम्मान के साथ रखा जा सके.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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