Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi: केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना में ट्रांसपेरेंसी लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ‘डिजिटल किसान पहचान पत्र’ (Farmer ID Card) पेश किया है. यह कार्ड ठीक आधार कार्ड की तरह काम करेगा, जिसमें किसान की जमीन और फसलों का पूरा विवरण डिजिटल रूप में दर्ज होगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के पास यह आईडी नहीं होगी, उनकी अगली किस्त (23वीं किस्त) रोकी जा सकती है.
क्या है यह डिजिटल कार्ड और क्यों है जरूरी?
सरकार का लक्ष्य खेती-किसानी को आधुनिक और बिचौलियों से मुक्त बनाना है. इस डिजिटल कार्ड के जरिए:
- हर किसान की एक अलग डिजिटल पहचान होगी, जिससे असली लाभार्थियों की पहचान आसान हो जाएगी.
- कार्ड में आपकी जमीन, उगाई जाने वाली फसल और व्यक्तिगत जानकारी का पूरा डेटा बेस होगा.
- सिस्टम से फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने के लिए यह एक अनिवार्य कदम है.
घर बैठे आसानी से खुद बनाएं अपनी आईडी
किसान आईडी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बहुत सरल है.
- वेबसाइट: सबसे पहले PM Kisan Portal या राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएं.
- आधार वेरिफिकेशन: अपना आधार नंबर दर्ज करें. आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा.
- डेटा अपडेट: ओटीपी डालने के बाद आपको अपनी जमीन के दस्तावेज (खतौनी आदि) और बैंक खाते की जानकारी अपडेट करनी होगी.
- कार्ड डाउनलोड: प्रक्रिया पूरी होते ही आपकी डिजिटल आईडी जनरेट हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं.
- नोट: आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी इसे बनवा सकते हैं.
इन दो कामों के बिना भी अटक सकता है पैसा
सिर्फ आईडी कार्ड बनवाना ही पर्याप्त नहीं है, इन दो शर्तों का पूरा होना भी जरूरी है:
e-KYC: पोर्टल पर जाकर बायोमेट्रिक या ओटीपी के जरिए अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट रखें.
लैंड सीडिंग (Land Seeding): यह सुनिश्चित करें कि आपके जमीन के रिकॉर्ड सरकारी पोर्टल पर ‘Seeded’ या ‘Verified’ दिखा रहे हों.
| आवश्यक डॉक्यूमेंट | विवरण |
| आधार कार्ड | अनिवार्य (मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए) |
| जमीन के कागज | खसरा/खतौनी की जानकारी |
| बैंक खाता | DBT के लिए आधार लिंक अकाउंट |
| मोबाइल नंबर | ओटीपी वेरिफिकेशन के लिए |
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