EPFO का दावा : अक्टूबर महीने के दौरान भारत में 8.27 लाख बेरोजगारों के लिए नौकरी का किया गया इंतजाम

नयी दिल्ली : रोजगार को लेकर देश में राजनीतिक तौर पर मच रहे हंगामे के बीच कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने दावा किया है कि इस साल अक्टूबर महीने में संगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन पिछले साल के इसी महीने के 2.81 लाख से करीब तीन गुना होकर 8.27 लाख पर पहुंच गया. कर्मचारी […]

नयी दिल्ली : रोजगार को लेकर देश में राजनीतिक तौर पर मच रहे हंगामे के बीच कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने दावा किया है कि इस साल अक्टूबर महीने में संगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन पिछले साल के इसी महीने के 2.81 लाख से करीब तीन गुना होकर 8.27 लाख पर पहुंच गया. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा जारी आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गयी. ईपीएफओ के ‘पेरोल’ आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2017 के बाद अगले 14 महीनों में रोजगार के कुल 79.16 लाख अवसर सृजित किये गये.

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ईपीएफओ ने कहा कि सितंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच उसकी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में इस दौरान करीब 79.16 लाख नये अंशधारक जुड़े. इससे पता चलता है कि रोजगार के ये अवसर इन्हीं 14 महीने की अवधि में सृजित हुए. हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2018 तक की 13 महीने की अवधि में रोजगार सृजन 79.48 लाख के पूर्वानुमान की तुलना में 10.81 फीसदी कम रहा है.

इसी तरह सितंबर 2018 महीने के लिए भी यह 9.73 लाख के पूर्वानुमान से 5.5 फीसदी कम रहा है. सितंबर 2018 में अक्टूबर 2018 तक की 14 महीने की अवधि में रोजगार के सर्वाधिक अवसर सृजित हुए. रोजगार के सबसे कम 1.59 लाख अवसरों का सृजन मार्च 2018 में हुआ. अक्टूबर 2018 के दौरान सृजित हुए अवसरों में सर्वाधिक 2.32 लाख अवसर 22-25 वर्ष के आयु वर्ग के लिये सृजित हुए. इनके बाद 18-21 वर्ष आयु वर्ग के लिए रोजगार के 2.22 लाख अवसर सृजित किये गये. संगठन ने कहा कि इस आकलन में अस्थायी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें पूरे साल काम नहीं मिले.

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