सीमापार की संपत्तियों पर भी लागू हो सकता है दिवाला कानून

मुंबई : कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने शनिवार को कहा कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) का विस्तार सीमापार संपत्तियों तक किया जा सकता है. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरणों (एनसीएलटी) में और सदस्यों की नियुक्ति पर विचार कर रही है, जिससे आईबीसी प्रक्रिया को और मजबूत किया […]

मुंबई : कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने शनिवार को कहा कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) का विस्तार सीमापार संपत्तियों तक किया जा सकता है. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरणों (एनसीएलटी) में और सदस्यों की नियुक्ति पर विचार कर रही है, जिससे आईबीसी प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके.

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श्रीनिवास ने अधिक ब्योरा दिये बिना कहा कि सीमापार दिवाला प्रक्रिया के मामलों पर गौर करने के लिए एक समिति गठित की गयी है. यह एक ऐसी प्रक्रिया बनायेगी, जिससे किसी कंपनी की अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों का निपटान किया जा सकेगा. समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस बारे में अंतिम फैसला किया जायेगा.

इस बीच, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के इसी कार्यक्रम में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को एनसीएलटी सदस्यों के लिए 500 आवेदन मिले हैं और हम नये सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया में हैं.

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