शी चिनफिंग ने चीन के बाजार को और खोलने का किया एलान, अब अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार

बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अंतरराष्ट्रीय व अमेरिका के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार पर आज एक अहम भाषण दिया. शी के इस भाषण को अमेरिका और चीन के बीच संभावित व्यापार युद्ध के खतरे को कम करने वाला माना जा रहा है, हालांकि अब इस पर अमेरिका व वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड […]

बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अंतरराष्ट्रीय व अमेरिका के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार पर आज एक अहम भाषण दिया. शी के इस भाषण को अमेरिका और चीन के बीच संभावित व्यापार युद्ध के खतरे को कम करने वाला माना जा रहा है, हालांकि अब इस पर अमेरिका व वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार करना होगा. चीन के राष्ट्रपति के इस पूर्व निर्धारित भाषण का असर आज भारतीय बाजारों में उस समय दिखा जब सेंसेक्स 130 अंक चढ़ कर खुला.शी चिनफिंग ने आज कहा कि वाहन आयात शुल्क में कटौती, विदेशी कंपनियों के बौद्धिक संपदा अधिकार ( आइपीआर ) के संरक्षण की प्रतिबद्धता जताते हुए दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को और खोलने का वादा किया.

चीन के राष्ट्रपति का यह बयान संभवत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंताओं को दूर करने का प्रयास है. बोआओ फोरम फॉर एशिया (बीएफए) में मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में शी ने कहा कि चीनी बाजार के खुले द्वार का रास्ता बंद नहीं होगा, बल्कि इसे और खोला जाएगा. ट्रंप के भारी व्यापार घाटे की चिंता का जिक्र न करते हुए शी ने कहा कि चीन व्यापार अधिशेष नहीं चाहता, हम वास्तव में आयात बढ़ाना चाहते हैं और चालू खाते के तहत अंतरराष्ट्रीय भुगतान का संतुलन बेहतर करना चाहते हैं.

ट्रंप ने चीन से 375 अरब डॉलर के व्यापार घाटे को एक महीने 100 अरब डॉलर तक कम करने को कहा है. चीन के राष्ट्रपति ने वादा किया कि वाहन क्षेत्र में निवेश को उदार बनाने के कदम उठाए जाएंगे. कारों पर आयात शुल्क घटाया जाएगा और बौद्धिक संपदा अधिकार का संरक्षण किया जाएगा. अप्रत्यक्ष रूप से यह अमेरिका की एक प्रमुख शिकायत को दूर कर सकेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >