जनधन का फायदा : ज्यादा खाते वाले राज्य में महंगाई निचले स्तर पर
मुंबई : जिन राज्यों में प्रधानमंत्री जनधन खातों की संख्या अधिक है, उनमें ग्रामीण मुद्रास्फीति निम्न स्तर पर आ गयी है. यह बात एक रिपोर्ट में सामने आई है. नोटबंदी के बाद से जनधन खातों में तेजी से इजाफा हुआ और अब तक ऐसे 30 करोड से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं. इस […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मुंबई : जिन राज्यों में प्रधानमंत्री जनधन खातों की संख्या अधिक है, उनमें ग्रामीण मुद्रास्फीति निम्न स्तर पर आ गयी है. यह बात एक रिपोर्ट में सामने आई है. नोटबंदी के बाद से जनधन खातों में तेजी से इजाफा हुआ और अब तक ऐसे 30 करोड से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं. इस तरह के खाते वाले दस शीर्ष राज्यों में करीब 23 करोड खाते खोले गये हैं जो कुल जनधन खातों के 75 प्रतिशत हैं. इसमें सर्वाधिक खातों की संख्या उत्तर प्रदेश में है जो 4.7 करोड़ के स्तर पर है. इसके बाद बिहार में 3.2 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 2.9 करोड़ जनधन खाते खुले हैं.
करीब 60 प्रतिशत जनधन खाते केवल ग्रामीण इलाकों में ही खुले हैं. एसबीआई की एक रिसर्च रिपोर्ट ईकोरैप में कहा गया है, आंकडे दिखाते हैं कि जिन राज्यों में जनधन खाते अधिक संख्या में खुले हैं, उनमें ग्रामीण मुद्रास्फीति निम्न स्तर पर है. यह दिखाता है कि अर्थव्यवस्था औपचारिक रूप ले चुकी है