Indian Textile Industry Growth: भारत का कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) एक बार फिर दुनिया भर में अपनी चमक बिखेर रहा है. हाल ही में कपड़ा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के टेक्सटाइल और हस्तशिल्प (handicrafts) के एक्सपोर्ट में 2.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कुल एक्सपोर्ट का आंकड़ा 3,16,334.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 3,09,859.3 करोड़ रुपये था. यह डेटा बताता है कि दुनियाभर में भारतीय कपड़ों की मांग न सिर्फ बरकरार है, बल्कि लगातार बढ़ भी रही है.
किन कपड़ों ने मारी बाजी?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इस बढ़ते एक्सपोर्ट में सबसे बड़ा हाथ रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) का रहा है. यह सेक्टर भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभरा है. आंकड़ों के मुताबिक, रेडीमेड गारमेंट्स का एक्सपोर्ट 1,35,427.6 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 1,39,349.6 करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें करीब 2.9% की ग्रोथ देखी गई. इसके अलावा, मैन-मेड धागे (Man-made yarn) और फैब्रिक्स में भी 3.6% की अच्छी ग्रोथ हुई है. वहीं, कॉटन यार्न और हैंडलूम प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन भी स्थिर रहा और इसमें 0.4% की मामूली बढ़त देखी गई.
हस्तशिल्प में इतना उछाल क्यों?
क्या आप जानते हैं कि इस साल सबसे तेज रफ्तार किस सेगमेंट ने पकड़ी है? वो है हस्तशिल्प (Handicrafts). हाथ से बने कालीनों को छोड़कर, अन्य हस्तशिल्प की चीजों के एक्सपोर्ट में 6.1 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया है. यह आंकड़ा 14,945.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 15,855.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. यह साफ दिखाता है कि विदेशी बाजारों में भारत की कला और कारीगरी की कितनी ऊंची वैल्यू है.
किन देशों को पसंद आ रहे भारतीय कपड़े?
भारतीय कपड़ों की पहुंच अब केवल चुनिंदा देशों तक सीमित नहीं है. अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच, भारत ने 120 से अधिक देशों में अपना एक्सपोर्ट बढ़ाया है. सबसे ज्यादा ग्रोथ सूडान (205.6%) और सेनेगल (54.4%) जैसे देशों में देखी गई. इसके अलावा, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स (22.3%), जापान (20.6%), स्पेन (15.5%) और जर्मनी (9.9%) जैसे बड़े बाजारों में भी भारतीय टेक्सटाइल ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. यूके और मिस्र जैसे देशों में भी एक्सपोर्ट में अच्छी तेजी रही है.
सरकार ने कैसे बढ़ाया कारोबार?
एक्सपोर्ट के इन आंकड़ों को छूने में सरकार की योजनाओं का बड़ा हाथ रहा है. सरकार ने RoSCTL और RoDTEP जैसी टैक्स छूट वाली स्कीमों को 31 मार्च, 2026 के आगे भी जारी रखा है, जिससे एक्स्पोर्टर्स को काफी राहत मिली है. साथ ही, ओमान, यूके और यूरोपीय संघ (EU) जैसे देशों के साथ हुए नए व्यापार समझौतों (FTA) ने भारतीय कपड़ों के लिए ग्लोबल मार्केट के दरवाजे और चौड़े कर दिए हैं. इससे न केवल व्यापार आसान हुआ है, बल्कि भारतीय सामान की दुनिया में पहुंच भी बढ़ी है.
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