1000 रुपये के नोट की होगी वापसी? RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया क्या है प्लान

आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास से जब 1000 के नोट की वापसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे महज अटकल बता दिया. शक्तिकांत दास ने कहा, कहा फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.

2000 रुपये के नोट सर्कुलेशन से बाहर होने के बाद अब 1000 रुपये के नोट की वापसी की चर्चा तेज हो गयी है. ऐसा इसलिए क्योंकि बाजार में 500 रुपये का नोट ही फिलहाल सबसे बड़ा रह गया है. जब पीएम मोदी ने 2016 में नोटबंदी की घोषणा की थी और 500 व 1000 के नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था. तब 500 रुपये के नये नोट की वापसी हुई थी और 2000 के गुलाबी नोट सबसे बड़ी करेंसी बनकर बाजार में आयी थी. लेकिन अब, जब इस नोट को भी सर्कुलेशन से बाहर कर दिया गया है, तो सवाल उठने लगा है कि क्या 1000 के नोट की फिर से नये रंगत के साथ वापसी होगी. इस सवाल का जवाब खुद आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने दिया है.

1,000 रुपये के नोट पर क्या बोले शक्तिकांत दास

आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास से जब 1000 के नोट की वापसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे महज अटकल बता दिया. शक्तिकांत दास ने कहा, कहा फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.

अर्थव्यवस्था पर 2,000 का नोट वापस लेने का सीमित असर पड़ेगाः शक्तिकांत दास

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने का अर्थव्यवस्था पर ‘बहुत सीमित’ प्रभाव ही देखने को मिलेगा क्योंकि ये नोट चलन में मौजूद कुल मुद्रा का सिर्फ 10.8 प्रतिशत ही हैं.

आरबीआई गवर्नर ने बताया, क्यों 2000 के नोट वापस लिये गये

शक्तिकांत दास ने 2,000 रुपये का नोट वापस लेने के कदम को रिजर्व बैंक की मुद्रा प्रबंधन व्यवस्था का हिस्सा बताते हुए कहा कि 30 सितंबर की निर्धारित समयसीमा तक इस मूल्य के अधिकांश नोट वापस आ जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को चलन से हटाने का कदम ‘स्वच्छ नोट नीति’ का ही हिस्सा है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 2,000 का नोट वैध मुद्रा बना रहेगा. वैधता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हम यह जानने के लिए इंतजार करेंगे कि कितने नोट लौटकर आते हैं. फिर 30 सितंबर का समय करीब आने पर कोई फैसला लेंगे.

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आरबीआई गवर्नर ने लोगों से कहा, घबराना नहीं है

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि लोगों के पास अपने 2,000 रुपये के नोट को बैंक में जाकर जमा करने या बदलने के लिए पर्याप्त समय है लिहाजा किसी को भी घबराना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि नोट बदलने के लिए कम मूल्य वाले नोट पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं. दास ने कहा, प्रणाली में पहले ही पर्याप्त नकदी है. सिर्फ रिजर्व बैंक ही नहीं, बैंकों के संचालन वाले करेंसी चेस्ट में भी पर्याप्त नकदी है. चिंता की कोई बात नहीं है.

30 सितंबर से पहले 2000 के नोट को बदलना जरूरी

रिजर्व बैंक ने गत शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा था कि फिलहाल इस वैध मुद्रा को 30 सितंबर तक बैंकों में जाकर जमा करने के अलावा बदला भी जा सकता है. हालांकि, एक बार में सिर्फ 10 नोट ही बदले जाएंगे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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