Bihar Success Story: ‘कोचिंग दिशा देती है, डाउट क्लियर करती है. लेकिन असली मेहनत सेल्फ स्टडी है. वही मुकाम तक ले जाती है.’ यह कहना है बिहार के गयाजी के शुभम का, जिन्होंने इस बार जेईई मेंस की परीक्षा में अपना जलवा दिखाया. शुभम कुमार ने 100 परसेंटाइल हासिल कर परफेक्ट स्कोर बनाया. वे देश के उन 12 छात्रों में शामिल हैं, जिन्होंने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया. उनकी ऑल इंडिया रैंक 3 है.
अपनी पढ़ाई को लेकर शुभम ने क्या बताया?
शुभम के सक्सेस को लेकर जब उनसे बातचीत की गई और पूछा गया कि कोचिंग और सेल्फ स्टडी में किसे बेहतर मानते हैं? इस पर उनका कहना था, कोचिंग रास्ता दिखाती है, मंजिल तक सेल्फ स्टडी ही पहुंचाती है. शिक्षक की बात मानिए. फोकस रखिए. सफलता मिलेगी.
शुभम रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे. बीच-बीच में वह ब्रेक लेते थे. शुभम का कहना है नियमितता और अनुशासन जरूरी है. वे अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देते हैं. शुभम के पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसाई हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं.
किस स्कूल के स्टूडेंट हैं शुभम?
शुभम ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल के छात्र रहे हैं. गयाजी ने एक फिर साबित किया है कि प्रतिभा छोटे शहर की मोहताज नहीं. मेहनत हो तो मुकाम खुद रास्ता देता है. शुभम की सफलता पर स्कूल और गुरुकुल प्रबंधन गदगद है. फिलहाल वे 12वीं बोर्ड का एग्जाम दे रहे हैं. रिजल्ट आने के बाद स्कूल में जश्न का माहौल रहा. छात्रों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया.
गुरुकुल का दावा: 50 बच्चे जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई
गुरुकुल के डायरेक्टर भीम राज ने बताया कि इस बार करीब 50 छात्र जेईई एडवांस के लिए सफल हुए हैं. इनमें से 20 छात्रों ने 90 परसेंटाइल से अधिक अंक हासिल किए हैं. शुभम ने 100 परसेंटाइल के साथ देश में तीसरा स्थान पाया.
उन्होंने कहा – यह बच्चों की मेहनत का नतीजा है. शिक्षकों की लगन है. मेरे दोनों बेटे आईआईटीयन हैं. उनके मार्गदर्शन का भी योगदान है.
राजस्थान का रहा दबदबा
जनवरी में आयोजित हुई इस परीक्षा में देश भर से टोटल 13.55 लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 13.04 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे. परिणामों में राजस्थान का दबदबा रहा है, जहां से सबसे ज्यादा तीन छात्रों ने 100 पसेंटाइल अंक हासिल किए हैं. आंध्र प्रदेश से दो, जबकि दिल्ली, विहार, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना से एक-एक छात्र इस प्रतिष्ठित क्लब में जगह बनाने में सफल रहे हैं.
(गयाजी से संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट)
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