Bihar Elections: मुकेश सहनी की एनडीए में एंट्री! संतोष सुमन ने किया बड़ा खुलासा

Bihar Elections: VIP के सर्वेसर्वा मुकेश सहनी ने बुधवार को हुई महागठबंधन की बैठक में भाग नहीं लिया था. इसके बाद से कयासों का बाजार गर्म है कि क्या वो बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के साथ जा सकते हैं?

Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी और विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. महागठबंधन में शामिल राजद से कांग्रेस, VIP और सीपीआई ज्यादा सीटों की मांग कर रही है. मुकेश सहनी ने पहले ही 60 सीट और डिप्टी सीएम का पद मांग लिया था. इसे लेकर राजद की तीखी प्रतिक्रिया आई थी. बुधवार को महागठबंधन की हुई बैठक में जब मुकेश सहनी नहीं पहुंचे तो कहा जाने लगा कि क्या वो एनडीए के साथ जा सकते हैं.

संतोष मांझी ने क्या बताया

बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. हम पार्टी एनडीए गठबंधन का हिस्सा है. गठबंधन में आधिकारिक तौर पर सीट शेयरिंग को लेकर कोई बात नहीं हुई है. इससे संबंधित कोई भी फैसला लिया जाएगा तो आप सभी को सूचित किया जाएगा.

दूसरे दलों के एनडीए में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि एनडीए में कोई दल अगर आना चाहता है, तो हम उसका स्वागत करेंगे. फिलहाल किसी दल के हमारे गठबंधन में शामिल होने की कोई सूचना नहीं है.

महागठबंधन की अहम बैठक में मुकेश सहनी के शामिल नहीं होने पर संतोष सुमन ने कहा कि यह महागठबंधन कभी कोई महागठबंधन रहा ही नहीं है. यहां कुछ भी निश्चित नहीं होता है. लोग आते-जाते रहते हैं.

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एनडीए ही मुकेश सहनी के समाज का भला कर सकता है- संतोष कुमार सुमन

संतोष सुमन ने कहा कि मुकेश सहनी के नेतृत्व वाले निषाद समुदाय की भलाई केवल एनडीए ही कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि यह समाज अब एनडीए की विकास की सोच के साथ हमेशा खड़ा रहा है इसलिए मुकेश सहनी को भी उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब सहनी का महागठबंधन से मोहभंग हो चुका है. उनका समुदाय एनडीए के एजेंडे के करीब है. ऐसे में अगर मुकेश सहनी लौटना चाहें तो उनका स्वागत है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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