RJD और कांग्रेस ने सरकार और चुनाव आयोग पर बोला हमला, पप्पू यादव बोले- चाहे NET, UPSC, BPSC, किसानों…

RJD on SIR: बिहार में SIR विवाद पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और राजद सांसद मनोज झा ने सरकार व चुनाव आयोग पर हमला बोला. पप्पू ने विपक्ष को संविधान की रक्षा का प्रतीक बताया, जबकि मनोज झा ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. दोनों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया.

RJD and Pappu Yadav on SIR: बिहार में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर मचे बवाल और देश के बड़े मुद्दों पर विपक्ष की भूमिका को लेकर मंगलवार को दो बड़े नेताओं पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और राजद सांसद मनोज झा ने जमकर अपनी बात रखी. दोनों ने अलग-अलग अंदाज में सरकार पर निशाना साधा और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए.

पप्पू यादव बोले- विपक्ष का मतलब है संविधान की रक्षा

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि विपक्ष का असली मतलब है देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना. उन्होंने कहा,”विपक्ष का काम है हर गलत परंपरा के खिलाफ आवाज उठाना, सुस्त पड़ी सरकार को जगाना और सत्ता में बैठे लोगों को याद दिलाना कि उन्होंने संविधान की शपथ ली है.”

उन्होंने राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके काम में राजनीति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी दिखती है. पप्पू यादव बोले, “चाहे NET, UPSC, BPSC, किसानों का मुद्दा हो या कोई भी सामाजिक घटना राहुल गांधी हमेशा जनता के लिए खड़े रहते हैं. आजकल की राजनीति ट्वीट तक सिमट गई है, लेकिन ��नकी राजनीति 10,000 किलोमीटर पैदल चलने और लोगों से सीधा जुड़ने की है.” उन्होंने मणिपुर से गुजरात और कश्मीर से कन्याकुमारी तक राहुल गांधी की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि ये जनता से जुड़ने का असली तरीका है, न कि सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने का खेल.

मनोज झा बोले-चुनाव आयोग सिर्फ एक माध्यम रह गया

राजद सांसद मनोज झा ने SIR के मुद्दे पर कहा कि अब जनता समझ चुकी है कि उनका वोट सुरक्षित नहीं है और चुनाव नतीजे कहीं और से तय हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अब सिर्फ एक औजार बनकर रह गया है उन हाथों में, जो पहले से तय कर देते हैं कि नतीजे क्या होंगे.” उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए कहा, “उन्होंने परत दर परत खोलकर दिखाया है कि कैसे EPIC नंबर बनाए जा रहे हैं. यह सिलसिला जारी रहेगा और यह लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि लोग जागें.”

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लोगों में भरोसा कम होता जा रहा

SIR विवाद को लेकर बिहार का सियासी पारा पहले से ही चढ़ा हुआ है. पप्पू यादव जहां विपक्ष की भूमिका को जनता के हक और संविधान की रक्षा से जोड़ते हैं, वहीं मनोज झा सीधे-सीधे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और मनमाने तरीके से नाम काटने का काम हो रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है. ऐसे में पप्पू यादव और मनोज झा के ये बयान न सिर्फ बिहार बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इस बहस को और तेज कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Nishant kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.
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